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साल 1990 में बाबरी मस्जिद गिराने को बलिदानी जत्थे में गए पठानकोट के अजय महाजन की भगदड़ में चली गई थी जान

Pathankot News - शनिवार को अयोध्या में विवादित राम जन्म भूमि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर बनाने के सुनाए ऐतिहासिक फैसले पर...

Nov 10, 2019, 08:31 AM IST
शनिवार को अयोध्या में विवादित राम जन्म भूमि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर बनाने के सुनाए ऐतिहासिक फैसले पर पठानकोट के सुंदरनगर निवासी व 2 नवंबर 1990 में अयोध्या में बलिदान देने वाले अजय महाजन के परिजनों ने अपने बेटे के बलिदान को सार्थक बताया। वहीं, उन्होंने विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनकी किसी भी तरह से कोई मदद न किए जाने पर भी दुख जताया। दैनिक भास्कर ने जब अयोध्या में बलिदान हुए अजय महाजन के परिजनों से बात की, तो उन्होंने बताया कि अजय घर में सबसे छोटा था और एसएमडीआरएसडी काॅलेज का छात्र था। वह इंजीनियर बनकर नेवी में जाना चाहता था। परिजनों ने बताया कि 31 अक्टूबर 1990 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढांचे को गिराने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बलिदानी जत्थे अयोध्या पहुंच रहे थे। पठानकोट से गए बलिदानी जत्थे में सुंदरनगर के अजय महाजन भी थे। हालांकि, अजय का बड़ा भाई नीरु वहां जाना चाहता था, लेकिन अजय ने कहा कि वह अयोध्या जाएगा। परिजनों ने बताया कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराने के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के चलते मची भगदड़ में अजय खो गया। बाद में उन्हें सूचना मिली कि वह सरयू नदी में बह गया, जिसका पार्थिक शव भी परिवार को नहीं मिला। पठानकोट से गए बलिदानी जत्थे में बलिदान हुए अजय एकमात्र थे।

शहीद भगत चौक से अजय की प्रतिमा को हटाने से परिवार की भावनाएं हुईं आहत, कहा-नेता प्रतिमा को उखाड़कर घर दे गए

अजय महाजन (फाइल फोटो)

अयोध्या में बलिदान हुए अजय के परिजनों ने बताया कि इससे बड़ा दुख उन्हें तब हुआ जब उन्होंने शहीद अजय महाजन की प्रतिमा को ढांगू रोड पर चौक(वर्तमान में शहीद भगत सिंह चौक) में स्थापित कर शहीद अजय महाजन के नाम से चौक रखने का प्रयास किया। लेकिन, कुछ दिन बाद ही राजनीतिक दलों के नेताओं ने अजय महाजन की प्रतिमा को वहां से उखाड़ दिया और अजय के पिता स्वर्गीय चमन लाल महाजन के हाथ सौंप गए। अजय के बड़े भाई नीरज व माता सुधा महाजन ने बताया कि उनके परिवार द्वारा पिछले कई साल से श्री रामलीला ग्राउंड संघ कार्यालय के समीप शहीद अजय महाजन सेवा संस्थान के नाम से निशुल्क चिकित्सालय चलाया जा रहा है।

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