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देश में 20 करोड़ लोग बीपी से पीड़ित : एसएमओ

सिविल अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथिया व एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय कल्याणकारी...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:40 AM IST
सिविल अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथिया व एसएमओ डॉ. भूपिंद्र सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय कल्याणकारी परिषद के सहयोग से इंटरनेशनल ब्लड प्रैशर-डे के उपलक्ष्य में कैंप व सेमिनार करवाया गया।

एसएमओ डॉ. भूपिंद्र ने कहा ब्लड प्रैशर एक ऐसी बीमारी है, अगर इस ओर ध्यान न दिया जाए तो 5-7 वर्षों के बाद मनुष्य को दिल की बीमारी, अधरंग, गुर्दे की बीमारी आदि होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। चाहे बीपी 140 एमएम हाई या 90 एमएमआई बढ़ जाए तो हाई ब्लड प्रैशर बीपी होता है। इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। उन्होंने बताया कि देश में 20 करोड़ लोग हाई बीपी से पीड़ित हैं, लेकिन उनमें सिर्फ 10 में 1 का ही पीपी नियंत्रित है। जिन लोगों को ब्लड प्रैशर की बीमारी हो, उन्हें नियमित रूप में ब्लड प्रैशर चेक करवाना चाहिए, ताकि ब्लड प्रैशर की बीमारी से बचा जा सके। इससे बचने के लिए तंबाकू, शराब से परहेज करें, हफ्ते में 2-3 घंटे कसरत करनी चाहिए, जैसे तेज चलना, वजट कम करने के लिए रोजाना सैर, रोजाना 400 ग्राम फल व सब्जियां खाएं, एक दिन में नमक की मात्रा 1 चम्मच से भी कम लें और पापड़, चिप्स, चटनी व आचार से परहेज करें। इस मौके पर असिस्टेंट सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथिया, डॉ. एमएल अत्री, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

विश्व ब्लड प्रैशर दिवस के उपलक्ष्य में लगाए कैंप में मरीजों का बीपी चेक करते।