2 साल वन विभाग से नहीं मिली एनओसी
आईटीआई का नींवपत्थर रखने के बाद में मामला जंगलात विभाग की एनओसी के चलते बीच में ही फंस गया और दो साल काम शुरू नहीं हो सका। इसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले 9 मार्च 2019 को तत्कालीन सांसद व पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने पेप्सी प्लांट के उद्घाटन और शाहपुरकंडी बैराज प्रोजेक्ट के नींव पत्थर रखने के समागम में सीएम कैप्टन अमरिंद्र सिंह से टैंडर कराकर आईटीआई का काम शुरू कराने का दावा किया था, लेकिन पिछले एक साल से आईटीआई का काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले साल जनवरी 2019 में विभाग की ओर से जंगलात को 13 लाख रुपए जमा भी किए गए और फिर जाकर क्लीयरेंस मिल सकी। अगस्त 2019 में पीडब्ल्यूडी ने प्रोजेक्ट की कॉस्ट निकालकर इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग को दी थी। इस बीच विस सत्र में 19 आईटीआई के निर्माण के कैप्टन सरकार के दावे के बीच नियाड़ी आईटीआई के निर्माण शुरू ही नहीं होने का मामला विपक्ष द्वारा उठाए जाने के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई है। इस पर प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने चारों अफसरों को तलब कर लिया है जिनकी प्रोजेक्ट की कास्ट पास कराने में जिम्मेदारी थी, उनसे देरी का कारण पूछा गया है। कुछ अफसरों को सस्पेंड भी किए जाने की खबर है।