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पठानकोट क्रशर यूनियन का आरोप-गैरकानूनी ढंग से पंजाब के ट्रकों के चालान काट रही हिमाचल पुलिस

एक वर्ष पहले
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पठानकोट जिले की क्रशर यूनिटों से तैयार खनन सामग्री लेकर जाने वाले ट्रकों की हिमाचल पुलिस द्वारा धरपकड़ और धड़ाधड़ चालान काटने से दोनों के बीच विवाद गहरा गया है। पठानकोट स्टोन क्रशर यूनियन ने इसे धक्केशाही और गैरकानूनी बताया है और कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

पहले ही हिमाचल क्रशर यूनियन और पठानकोट की पंजाब स्टोन क्रशर यूनियन के बीच एक-दूसरे के साथ धक्केशाही करने के आरोप लगे थे। दोनों यूनियनों ने प्रेस कांफ्रेंस कर एक-दूसरे के हलकों में ट्रकों को तंग करने की शिकायतें की थीं। बुधवार को पठानकोट के क्रशरों से तैयार मटीरियल लेकर जा रहे ट्रकों को हिमाचल के थाना डमटाल एरिया में हिमाचल पुलिस ने नाके लगाकर चालान काटे। यही नहीं ट्रकों के माइनिंग एक्ट के तहत 25-25 हजार रुपए के चालान किए तथा ट्रकों को आरटीए के सुपुर्द कर दिया। ओवरलोडिंग में भी 12 से 25 हजार तक के चालान किए। पंजाब स्टोन क्रशर यूनियन के प्रधान विजय पासी का कहना है कि हिमाचल की पुलिस और वहां का माइनिंग विभाग धक्केशाही कर रहा है क्योंकि पंजाब के ट्रकों से एक्स फार्म मांगे जा रहे हैं जो कि गलत है। एक्स फार्म हिमाचल में फिनिश्ड मटीरियल पर पड़ता है पंजाब में नहीं। पंजाब के चालान किए गए ट्रकों के चालान फार्म पर लिखा है, नान प्रॉपर माइनिंग साथ में ओवरलोडिंग भी। पठानकोट के क्रशर सरकार के मानदंडों के आधार पर ही मटीरियल तैयार कर सप्लाई कर रहे हैं, जिन पर पंजाब की माइनिंग पालिसी लागू होती है हिमाचल की नहीं। ओवरलोडिंग भी बगैर माप के डाल दिया गया है। उधर, पठानकोट के माइनिंग अफसर गगन का भी कहना है कि हिमाचल एरिया में चेकिंग किए गए पंजाब के ट्रकों पर माइनिंग का मामला नहीं बनता, क्योंकि पंजाब के माइनिंग मटीरियल ले जा रहे ट्रकों पर हिमाचल की पालिसी नहीं लागू की जा सकती। उन पर एक्स फार्म जरूरी नहीं, क्योंकि यह हिमाचल में जरूरी होता है। पठानकोट क्रशर उद्योग के प्रधान पंकज भनोट का कहना है कि हिमाचल प्रशासन की इस धक्केशाही के खिलाफ वे कोर्ट जाने को मजबूर होंगे।

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