20 पॉइंट पर मिलेंगे 400 अंक रिजल्ट-छात्राें की हाजिरी अहम

2 वर्ष पहले
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शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलाें की ग्रेडिंग का फैसला लिया है। स्कूलाें काे बेहतर बनाने के लिए विभाग ने स्कूलाें के ही बीच मुकाबला कराने की रूपरेखा तैयार की है। ग्रेडिंग सिस्टम के तहत टाॅप रैंक में अाने के लिए स्कूलाें काे कार्यशैली में सुधार करना हाेगा। विभाग स्कूलाें काे उनके सालाना प्रदर्शन के अाधार पर ग्रेड देगा। ग्रेडिंग में टाॅप पर रहने वाले स्कूल सूबे के बाकी स्कूलाें का मार्गदर्शन करेंगे।

डीपीअाई से जारी पत्र के मुताबिक सिर्फ सरकारी सीनियर सेकंडरी व हाईस्कूलाें काे इस दायरे में लाया जाएगा। पत्र के मुताबिक पंजाब के सभी सरकारी स्कूलाें में पढ़ाई के साथ-साथ कई तरह की दूसरी गतिविधियां कराई जाती हैं। वहीं स्कूल हेड अाैर टीचराें के स्टूडेंटस के सर्वपक्षीय विकास के लिए अपने स्तर पर भी अनेक प्रयास किए जाते हैं। स्कूल में सरकार की मदद से अाैर लाेकल स्तर पर पंचायत अाैर अन्य संस्थाअाें की मदद से बुनियादी ढांचा स्कूल हेड द्वारा विकसित किया जा रहा है।

ई-पंजाब पाेर्टल पर अपलाेड हाेगा डाटा
पत्र के मुताबिक उपराेक्त सभी बाताें काे देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलाें की दर्जाबंदी कराने का फैसला लिया है। स्कूल मुखियाें अाैर अध्यापकाें में कंपीटीशन की भावना पैदा हाेगी। साथ ही विभाग के स्कूलाें मे किए गए अच्छे प्रयासाें के संबंध में भी जानकारी मिलेगी। स्कूल मुखियांें के स्कूल में स्टूडेंट्स के सर्वपक्षीय विकास अाैर स्कूल की सालाना प्लानिंग तैयार की जा सकेगी। इसकी पूर्ति के लिए सभी हाई अैर सेकंडरी स्कूलाें की ग्रेडिंग शिक्षा विभाग करेगा। इसका डाटा ई-पंजाब पाेर्टल पर अपलाेड किया जाएगा।

ग्रेडिंग का पैमाना
स्कूल के स्टूडेंटस का सालाना रिजल्ट कैसा है अाैर उन पर अध्यापकाें की उपलब्धता।

स्कूल में उपलब्ध बुनियादी ढांचा किस तरह का है।

को-एजुकेशनल एक्टिविटी।

स्कूल में स्टूडेंट्स की हाजिरी।

स्कूल मैनेजमेंट कमेटी अाैर अाम लाेगाें का स्कूल में याेगदान।

डीपीआई ने सीबीएसई, अाईसीएसई अाैर पीएसईबी के स्कूलाें काे भेजा पत्र
3 साल न बदलें ड्रेस
पटियाला | सूबे के सभी सीबीएसई/अाईसीएसई अाैर पंजाब स्कूल शिक्षा बाेर्ड से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलाें काे स्टूडेंट्स की यूनिफार्म अाैर किताबाें के संबंध में विशेष निर्देश जारी किए हैं। डीपीआई से जारी पत्र में कहा गया है कई प्राइवेट स्कूल, यूनिफार्म अाैर किताबें खास दुकान से खरीदने या अपने स्कूल से खरीदने काे मजबूर करते हैं। प्राइवेट स्कूलाें की मैनेजमेंट काे निर्देश दिए गए हैं कि जाे वर्दी एक बार स्टूडेंट्स काे लगाई जाती है, वह कम से कम 3 साल तक न बदली जाए। अगर काेई स्कूल इन जारी किए अादेशाें की अवहेलना करता है ताे उनकी एनअाेसी रद्द की जा सकती है।

पुरानी किताबें भी खरीद सकेंगे
विभाग से जारी निर्देशाें के मुताबिक सभी प्राइवेट स्कूलाें की मैनेजमेंट संबंधित बाेर्ड से प्रमाणित सिलेबस के अनुसार ही स्टूडेंट्स काे किताबें लगाएंगे। किताबाें की लिस्ट स्कूल की वेबसाइट पर अपलाेड करेंगे। अादेश में कहा कि अगर बाेर्ड सिलेबस में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया अाैर स्टूडेंट्स व पेरंेट्स पुरानी किताब खरीदना चाहते हैं ताे उन्हें नई किताब खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।

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