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अजवायन बूटी की खेती ने बढ़ाई किसानों की आमदन

किसान के लिए एक सीजन में एक ही खेत से दो फसलें लेना अाम बात हो सकती है मगर किसान को मुनाफा दोगुना हो तो यह बाकया ही...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:00 AM IST

अजवायन बूटी की खेती ने बढ़ाई किसानों की आमदन
किसान के लिए एक सीजन में एक ही खेत से दो फसलें लेना अाम बात हो सकती है मगर किसान को मुनाफा दोगुना हो तो यह बाकया ही हैरान करने वाला है। एेसा ही कर दिखाया है शहर से सात किलोमीटर दूर स्थित कस्बा सनौर के किसानों ने। यह इलाका पूरे पंजाब में सब्जियों की खेती के लिए जाना जाता है। अब यहां के किसान अजवायन बूटी नाम के पौधे से बेहद कम लागत में दोगुना फायदा ले रहे हैं। एक एकड़ जमीन में 4000 हजार रुपए खर्च कर साठ हजार रुपए तक मुनाफा लिया जा सकता है। इस पौधे का प्रयोग मेडिसन कंपनियां दवाई बनाने में करती हैं। वहीं इसकी खरीद करने के लिए कई कंपनियां खुद किसान के खेत तक पहुंच करती हैं। देसी अजवायन या अजवायन बूटी के नाम से जानी जाने वाली यह फसल मार्केट में मिलने वाली अजवायन की तरह ही होती है लेकिन थोड़ी बारीक होती है। इसको बेचने के लिए अमृतसर में ही नजदीकी मंडी है।

ऐसे होती है अजवायन बूटी की खेती

अजवायन बूटी की बिजाई सर्दी की शुरुअात में की जाती है। इसकी बिजाई किसान अगेते टमाटर, गोभी, पत्ता गोभी और मटर की खेती के साथ कर सकता है। सब्जियों की फसल के बाद गेंहू की फसल के साथ ही अजवायन बूटी की कटाई होती है। इसकी खास बात यह है इसका बीज केवल 100 रुपए किलो के हिसाब से मिल जाता है और एक एकड़ में यह तीन किलो ही पड़ता है। इसे कोई भी बीमारी नहीं लगती है इसलिए इस पर किसी प्रकार के कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जाता खेत में खरपतवार न हो इसके लिए एक गुड़ाई जरूरी है। एक एकड़ में यह 8 क्विंटल तक निकलती है। इसकी कीमत 9 हजार रुपए से 11 हजार रुपए प्रति क्विंटल है। सनौर के किसान गोल्डी राम ने बताया की इस फसल पर 4000 रुपए खर्च अाया है। इसके साथ ही लगाई गई पत्तागोभी की फसल से वह 90,000 हजार का मुनाफा ले चुका है। अभी अजवाइन बूटी बेचना बाकी है।

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