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दूसरा इंजन टेस्टिंग के लिए लुधियाना भेजा

डीएमडब्ल्यू में दूसरा इलेक्ट्रिक इंजन तैयार हो चुका है। अथॉरिटी ने यह इंजन टेस्टिंग के लिए लुधियाना भेजा है।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:00 AM IST
डीएमडब्ल्यू में दूसरा इलेक्ट्रिक इंजन तैयार हो चुका है। अथॉरिटी ने यह इंजन टेस्टिंग के लिए लुधियाना भेजा है। पिछले दिनों लोकोमोटिव वर्कशॉप में पहले इलेक्ट्रिकल इंजन को टेस्टिंग के बाद बिना इनोग्रेशन तुगलकाबाद भेजा था। 2018-19 में रेलवे ने 60 इलेक्ट्रिक और 50 पुराने डीजल इंजन को दोबारा बनाने को कहा है। डीएमडब्ल्यू में इलेक्ट्रिक इंजन बनाने को लेकर रेलवे ने चितरंजन लोकोमोटिव कारखाने और बनारस ट्रेनिंग दी गई थी। लंबे समय के इंतजार के बाद अब पटियाला के डीएमडब्ल्यू इंजन कारखाना में पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव रेल इंजन बनकर तैयार हो गया है। रेल इंजन बनाने में तीन महीने का समय लगा। दूसरे इंजन को एक महीने का समय लगा।

पहले इलेक्ट्रिकल इंजन को टेस्टिंग के बाद बिना इनोग्रेशन तुगलकाबाद भेजा था

रेलवे ने 60 इलेक्ट्रिक व 50 पुराने डीजल इंजन दोबारा बनाने को कहा है

डीएमडब्ल्यू में तैयार किया गया दूसरा इलेक्ट्रिक इंजन।

पहला इंजन बिना इनोग्रेशन के तुगलकाबाद भेजा| अथॉरिटी ने पटियाला में बिना इनोग्रेशन के तुगलकाबाद भेजा है। जब रेलवे की अथॉरिटी से इस मामले में पूछा गया तो बताया कि रेल मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है। आदेश का इंतजार कर रहे है, जैसे ही मंत्रालय का आदेश आ जाएगा इनोग्रेशन का प्रोग्राम करवा देंगे।

इधर डीएमडब्ल्यू की सुरक्षा करेगी सीआईएसएफ

डीएमडब्ल्यू में अब आरपीएफ हटने जा रही है। इसके स्थान पर सेंट्रल औद्योगिक फोर्स को लगाया जा रहा है। वहीं यह से चौकी को भी हटा दिया जाएगा। लेकिन अभी यह प्रपोजल रेलवे बोर्ड के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। रेलवे बोर्ड की परमिशन के बाद ही फैसला होगा कि यहां कौन सी फोर्स सुरक्षा करेगी।