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18 घंटे के हाइवोल्टेज ड्रामे के बाद 12 को चीफ सेक्रेटरी से मीटिंग तय, इधर...देर रात को 65 अध्यापकों के खिलाफ एफआईआर

एक वर्ष पहले
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सूबे भर से कई जत्थेबंदियां समर्थन में आईं, 14 को तैयार रहने के निर्देश

टीचर्स की चेतावनी-बैठक में हल न निकला तो 14 को फिर आंदोलन

रविवार सारा दिन पुलिस के डंडे खाने के बाद बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों ने रात 1 बजे सीएम अावास न्यू मोती बाग पैलेस के ठीक सामने वाले वाईपीएस चौक को इस शर्त पर खाली कर दिया कि उन्हें चीफ सेक्रेटरी से मीटिंग का समय मिलेगा। इसके बाद अध्यापक देर रात ही गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के पास बैठ गए। इसके बाद 18 घंटे हाइवोल्टेज ड्रामा चला। प्रशासन भरोसा देता रहा कि जल्द मीटिंग होगी, पर टीचर समय मांगते रहे। इधर, प्रशासन पर दबाव बनाने को 25 टीचर भाखड़ा पर डटे रहे। इन्होंने धमकी दी कि दोबारा लाठीचार्ज हुअा व मीटिंग न हुई तो नहर में कूद जाएंगे। शाम 7 बजे प्रशासन ने 12 मार्च को मीटिंग तैय कराई। इसके बाद भाखड़ा से अध्यापक धरना स्थल पर अा गए, पर कहा कि धरना मीटिंग तक पुडा ग्राउंड में जारी रहेगा। धमकी दे दी कि 12 को मीटिंग में हल न निकला तो 14 मार्च से अांदोलन दोबारा शुरू करेंगे। वहीं, देर रात को थाना सिविल लाइन में धारा 153,332, 353,188,186 के तहत 20 बाइनेम और 45 अज्ञात अध्यापकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज गई। इसकी पुष्टि एसएचओ राहुल कौशल ने की है।

पुलिस की सफाई-महिला पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की पर करना पड़ा लाठीचार्ज

इधर, सोमवार को टीचर्स के चौक खाली करने पर भी सीएम हाउस सील रहा। सभी रास्ते पुलिस ने सील रखे। हर अाने जाने वाले की तलाशी होती रही। वहीं, पुलिस का कहना है कि कुछ अध्यापकों की ओर से महिला पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की किए जाने के चलते पुलिस को मजबूरन लाठीचार्च करना पड़ा था।

सीएम हाउस को जाते रास्ते रहे सील

रात 8 बजे लिखित आश्वासन

टीचर्स के धरने के चलते दूसरे दिन भी पुलिस ने शहर को सील कर रखा।

टीचर्स को लिखित में अाश्वासन की कॉपी सौंपते एसडीएम।

सीएम सिटी में मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए सूबे भर से आए बेरोजगार अध्यापक। कई जत्थेबंदियां भी समर्थन में बैठी हैं।

धरना जारी...हिरासत में लिए सभी 15 टीचर्स रिहा, मांगें पूरी होने तक पुडा ग्राउंड में देंगे धरना

रात एक बजे के बाद कब क्या हुआ

रात 1 बजे-प्रशासन का आश्वासन चीफ सेक्रेटरी से मीटिंग फिक्स होगी। अध्यापक उठकर दुखनिवारण साहिब अा गए।

रात 2.05 मिनट- हिरासत में लिए सभी 15 टीचर्स रिहा, अस्पताल में दाखिल अध्यापकों को भी छुट्टी दे दी।

रात 2.30 बजे -पहले से भाखड़ा पर डटे अध्यापकों ने नहर का किनारा खाली करने से इंकार कर दिया। अध्यापकों को डर था कि प्रशासन जबरन धरना स्थल खाली करवा सकता है, इसलिए नहर में कूदने की धमकी दी।

सुबह 4 बजे- टीचर्स ने 1 बजे वाईपीएस ग्राउंड खाली कर दिया था। 4 बजे तक प्रशासन मीटिंग का भरोसा देता रहा।

सुबह 10 बजे- धरना सियासी रूप ले गया। अकाली दल, भाजपा, अाप के कई नेता धरना स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। इधर, प्रशासन नजर बनाए हुए था।

सुबह 11 बजे- विधायक हरिंदरपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत रखड़ा समेत अकाली नेता पहुंच गए। हरपाल जुनेजा, पूर्व मेयर अजीत पाल कोहली, अमरिंदर बजाज, भाजपा शहरी प्रधान हरिंदर कोहली, आप नेता जिला शहरी प्रधान तेजेंदर मेहता, कुंदन गोगिया समेत कई दल के नेता पहुंचे।

दोपहर 2 बजे- अाप नेता पहुंचे। अध्यापकों को लगने लगा कि प्रशासन उन्हें टाल रहा है, दोबारा 3 बजे सीएम अावास घेराव का फैसला हुआ। पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी।

3 बजे- प्रशासन ने मौखिक तौर पर 12 मार्च की मीटिंग का भरोसा दिया, पर अध्यापक नहीं माने। अध्यापक लिखित भरोसे की मांग कर रहे थे।

4 बजे-कई अफसर लगातार मीटिंग करते रहे। इधर, टीचर्स के कई संगठन भी अगली रणनीति पर विचार करते रहे।

शाम 7 बजे-प्रशासन ने मीटिंग का लिखित भरोसा दिया। इस पर कुछ अध्यापक भाखड़ा पर बैठे टीचर्स को मनाने पहुंचे।

रात 8 बजे- एसडीएम चरणजीत सिंह 12 की मीटिंग का लिखित भरोसा देने खुद धरना स्थल पर पहुंचे।
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