बुद्ध की सत्य पथ गरिमा से जाना अध्यात्म: साध्वी

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:21 AM IST

Patiala News - दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने नारायणगढ़ में सत्संग कराया। साध्वी किरण भारती ने बताया कि भारत वह भूमि है जिसका...

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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने नारायणगढ़ में सत्संग कराया। साध्वी किरण भारती ने बताया कि भारत वह भूमि है जिसका प्रकाश सदैव आध्यात्मिक अवतारों श्रषि-मुनियों, तपस्वियों, सिद्ध पुरुषों एवं संतों के जाज्वल्यमान नक्षत्रों से जगमगाता रहा है। यह सौभाग्यशाली भूमि ऋषि गण के शीशों तले पली है। श्रीराम की मर्यादा ही धड़कन बनकर इसके हृदय में बसी है। श्री कृष्ण के दिव्य कर्म पथ की यह धरा साक्षी रही है।

महात्मा बुद्ध की सत्य पथ गरिमा ने इसे सन्मार्ग पर बढ़ने को विवश किया है। सद्गुरुओं या सच्चे पातशाहों ने इसे बार-बार ब्रह्मज्ञान का अमृत पिलाया है। यही कारण है कि यह भूमि पोषित होती रही और इतनी विलक्षण आत्म गाथा रच पाई। साध्वी ने बताया कि इस भूमि की संस्कृति बहुत श्रेष्ठ रही है। प्राचीन काल में विश्व के दृश्य पटल पर यदि किसी देश की संस्कृति ने पूर्णता एवं दिव्यता को प्राप्त किया तो वह आर्यवर्त था। भारतीय संस्कृति को विश्व की प्राचीनतम संस्कृति माना गया है। जहां समय की तेज धाराओं में यूनान, रोम, सीरिया, बेबीलोन आदि देशों की संस्कृतियाँ बिखर कर अपना अस्तित्व खो बैठी। वहीं एक भारतीय संस्कृति है जो इन प्रवाहों के सामने अडिग चट्टान के समान खड़ी रही। इसका ठोस कारण केवल अध्यात्म ही था। यहां ओम प्रकाश, संजय कुमार, बलदेव प्रसाद, अमरिन्द्र सिंह, राजविन्द्र सिंह, बलदेव सिंह, मलूक सिंह, अमरीक सिंह, गुरमुख सिंह एवं हरविन्द्र सिंह माैजूद रहे।

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