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किला मुबारक में रनवास इमारत, गिलाऊखाना और लस्सी खाना को हैरिटेज होटल में किया जा रहा कन्वर्ट, 30 जून तक काम होगा पूरा

एक वर्ष पहले
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पटियाला शहर के एतिहासिक किला मुबारक में स्थित रनवास का एरिया, गिलाऊखाना और लस्सी खाना को हैरिटेज होटल में कन्वर्ट किया जा रहा है। इससे पटियाला में टूरिज्म को प्रमोट किया जा सकेगा। जबकि महिन्द्रा कोठी में म्यूजियम गैलरी बनाई जा रही है। प्रिंसिपल सेक्रेटरी टूरिज्म एंड कल्चर एफेयर हुसन लाल ने किला मुबारक और महिन्द्रा कोठी का दौरा किया, उन्होंने 30 जून तक काम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। हुसन लाल ने बताया कि काम किला मुबारक और महिन्द्रा कोठी में फिनिशिंग की जा रही है। निर्धारित समय में काम पूरा कर लिया जाएगा। पटियाला शहर के संस्थापक बाबा आला सिंह के घर यानि किला मुबारक के भीतर बनी रणवास बिल्डिंग, गिलाऊ खाना और लस्सी खाना में हेरिटेज स्तर का होटल का काम तेजी से चल रहा है। इस होटल में स्वीमिंग पूल भी बनाया जाएगा। होटल की छत्त लकड़ी की बनेगी।

रनवास बिल्डिंग में रहती थी रानियां

किले के अंदर घुसते ही बाएं हाथ रनवास बिल्डिंग है। इमारत में पटियाला रियासत की रानियां रहा करती थीं, इनको इमारत से बाहर निकलने की बहुत कम इजाजत थी। दो मंजिला इस इमारत के उपरी हिस्से में तीन बेहतरीन पंटिंग चैंबर हैं, इनमें बेशकीमती पेटिंग थीं। इसमें एक स्थान लस्सी खाना है। जहां पर भीतर रहने वाली सेवादार महिलाओं के लिए खाना तैयार होता था और उनको बांटा जाता था। लकड़ी के दरवाजे व खिड़कियां तबदील कर दिए गए हैं। छतों की भी मरम्मत कर दी गई है। 2 मंजिला इस इमारत के निचले हिस्से में आमने सामने हॉल हैं, इनको पार्टीशन के जरिए कमरों का रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही इमारत के पिछले हिस्से की मरम्मत का काम जारी है। पूरी इमारत को सफेद रंग का पेंट कर दिया गया है। उस इमारत की मरम्मत का कार्य पुरातत्व विभाग खुद एक दिल्ली का संस्था से करवा रहा है, इसके लिए 6 करोड़ का फंड जारी हुआ था।


म्यूजियम का काम 30 तक पूरा करने के निर्देश

महिंद्रा कोठी में टूरिज्म एंड कल्चर डिपार्टमेंट ने मेडल एंड क्वाइंस म्यूजियम का काम तेजी से कर रहा है। यह काम 30 जून तक पूरे करने के लिए महिन्द्रा कोठी में 12 करोड़ से म्यूजियम बन रहा है।3200 से ज्यादा मेडल एंड क्वाइंस हैं, जाे महाराजा भूपिंदर सिंह ने 1900 से 1938 तक इकट्ठा किए हैं। सिक्कों में 19वीं सदी में अलग-अलग राज्यों में जारी किया था।
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