- Hindi News
- National
- Samana News Corona D Better Control In Korea Reduces Patients But America Britain Are Not Far From The Situation Like Italy
कोरोना: द. कोरिया में बेहतर नियंत्रण से मरीज घटे पर इटली जैसे हालात से अमेरिका, ब्रिटेन ज्यादा दूर नहीं
चीन में थोड़ा नियंत्रण हुआ पर बीमारी फिर फैलने का अंदेशा
निजी कंपनियों को पैसे की
कमी से जूझना पड़ेगा
Âविश्व के शेयर बाजारों में 20% गिरावट आई है। 10 से 15% कंपनियों को पैसे की कमी का सामना करना पड़ेगा।
 चीन में वायरस का असर कम हो रहा है। 60% के स्वस्थ होने का दावा। अस्थायी अस्पताल बंद। सप्लाई घटने से खेती पर असर पड़ेगा।
Âइटली में सिर्फ दैनिक जरूरत की चीजें खरीदने के लिए बाहर निकल सकते हैं।
 ईरान में 24 सांसद प्रभावित। अर्थव्यवस्था को 25-30% नुकसान का अंदेशा।
Âदक्षिण कोरिया में नए मामलों में गिरावट आई। रेस्त्रां और ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी।
संपन्नता और उत्कृष्ट मेडिकल सुविधाओं के बावजूद अमेरिका के सामने कई बाधाएं हैं। वहां इलाज का खर्च बहुत ज्यादा है। दो करोड़ 80 लाख लोगों का हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। टेस्टिंग में भी देर हुई है। ईरान सरकार पर मौतें छिपाने का संदेह है। चीन, दक्षिण कोरिया ने बड़े पैमाने पर जांच से होने वाले फायदे सामने रखे हैं। सिंगापुर ने भी अच्छा उदाहरण पेश किया है। वहां सार्स वायरस से निपटने का अनुभव काम आया है।
© 2019 The Economist Newspaper
Limited. All rights reserved.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को अलग-थलग रखने के चीन के निर्मम तरीकों का समर्थन किया है जिससे वहां नए प्रभावितों की संख्या कम हुई है। पिछले सप्ताह राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीमारी से सबसे पहले प्रभावित शहर वुहान का दौरा किया। फिर भी चीन में अनिश्चय है क्योंकि कोई नहीं जानता कि सावधानियां बंद करने पर संक्रमण का दूसरा दौर कब शुरू हो जाएगा। सबसे अधिक प्रभावित एक अन्य देश दक्षिण कोरिया ने बीमारी पर बहुत नियंत्रण कर लिया है।
संपन्नता और उत्कृष्ट मेडिकल सुविधाओं के बावजूद अमेरिका के सामने कई बाधाएं हैं। वहां इलाज का खर्च बहुत ज्यादा है। दो करोड़ 80 लाख लोगों का हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। टेस्टिंग में भी देर हुई है। ईरान सरकार पर मौतें छिपाने का संदेह है। चीन, दक्षिण कोरिया ने बड़े पैमाने पर जांच से होने वाले फायदे सामने रखे हैं। सिंगापुर ने भी अच्छा उदाहरण पेश किया है। वहां सार्स वायरस से निपटने का अनुभव काम आया है।
कुछ राजनेताओं ने ही महामारी और उसके आर्थिक नतीजों का सामना किया है। कई नेता 2007-09 के वित्तीय संकट जैसी स्थितियों के हिसाब से कदम उठा रहे हैं। हर क्षेत्र या देश में बीमारी बिना पहचाने तेजी से फैलती है। जब तक एक स्थान में बीमारी का पता लगता है, वह दूसरी जगह पहुंच जाती है। इटली, ईरान और दक्षिण कोरिया में ऐसा ही हुआ है। सरकारें प्रतिबंध लगाती हैं। लेकिन, इस प्रक्रिया में बहुत देर हो जाती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को अलग-थलग रखने के चीन के निर्मम तरीकों का समर्थन किया है जिससे वहां नए प्रभावितों की संख्या कम हुई है। पिछले सप्ताह राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीमारी से सबसे पहले प्रभावित शहर वुहान का दौरा किया। फिर भी चीन में अनिश्चय है क्योंकि कोई नहीं जानता कि सावधानियां बंद करने पर संक्रमण का दूसरा दौर कब शुरू हो जाएगा। सबसे अधिक प्रभावित एक अन्य देश दक्षिण कोरिया ने बीमारी पर बहुत नियंत्रण कर लिया है।
कोरोना वायरस के कहर का अंदाजा लगाने के लिए इटली के संपन्न इलाके लोंबार्डी के उदाहरण पर गौर कीजिए। उसके आधुनिक अस्पतालों में विश्व स्तर की स्वास्थ्य सेवा है। पिछले सप्ताह तक वहां लोग सोच रहे थे कि आसानी से बीमारी पर काबू पा लेंगे। फिर निमोनिया से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में अस्पतालों में आने लगे। ऑक्सीजन, वेंटीलेटर की कमी पड़ गई। कुछ अस्पतालों में तो मरीजों को इलाज के बिना मरने के लिए छोड़ दिया गया। विशेषज्ञ मानते हैं, बीमारी फैलने के मामले में स्पेन, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों से इटली एक या दो सप्ताह आगे है। दूसरे देशों से थोड़ा कम जुड़े हुए भारत, मिस्र जैसे देश और पीछे हैं लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।
कुछ राजनेताओं ने ही महामारी और उसके आर्थिक नतीजों का सामना किया है। कई नेता 2007-09 के वित्तीय संकट जैसी स्थितियों के हिसाब से कदम उठा रहे हैं। हर क्षेत्र या देश में बीमारी बिना पहचाने तेजी से फैलती है। जब तक एक स्थान में बीमारी का पता लगता है, वह दूसरी जगह पहुंच जाती है। इटली, ईरान और दक्षिण कोरिया में ऐसा ही हुआ है। सरकारें प्रतिबंध लगाती हैं। लेकिन, इस प्रक्रिया में बहुत देर हो जाती है।
 अमेरिका में आिर्थक गतिविधियों में गिरावट: अमेरिका में रेलवे और ट्रकों से माल की ढुलाई घटी है। बिजली की मांग में कमी आई है। गोल्डमैन सॉक्स बैंक के विश्लेषण में बताया गया है, कंज्यूमर का भरोसा गिरा है। गूगल सर्च पर रेस्त्रां रिजर्वेशन कम हुए हैं। जेपी मोर्गन चेज बैंक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सप्ताह सिनेमा टिकट 20% कम बिके हैं।