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शहर की असुरक्षित इमारतों को गिराने का काम करेगा निगम

एक वर्ष पहले
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शहर के विकास कार्यों के लिए नगर निगम ने वीरवार को मेयर संजीव शर्मा बिट्टू और निगम कमिश्नर पूनमदीप कौर की अध्यक्षता में आयोजित एफएंडसीसी की बैठक दौरान 12 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दे दी। एफएंडसीसी की बैठक दौरान मेयर ने आदेश दिया कि शहर के जिन इलाकों में अनसेफ इमारतें हैं उनकी सूची बीते साल तैयार की गई थी। इस सूची में दर्ज अनसेफ इमारतों को तुरंत गिराने का काम किया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही मेयर ने इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों को आदेश दिया कि वह तुरंत निगम परिसर में एक रैंप का निर्माण करवाएं, ताकि निगम कार्यालय तक आने वाले अपाहिज लोगों को सुविधा हो सके। बैठक में मेयर संजीव शर्मा बिट्टू, निगम कमिश्नर पूनमदीप कौर, सीनियर डिप्टी मेयर योगिंदर सिंह योगी, डिप्टी मेयर विनती संगर, ज्वाइंट कमिश्नर लाल विश्वास, सुपरिंटेंडेंट गुरविंदर सिंह, संजीव गर्ग, रमिंदर सिंह, विशाल स्याल, रबदीप सिंह, एक्सईएन श्याम लाल गुप्ता व अलग अलग ब्रांच के सीनियर अधिकारी माैजूद रहे।

पानी के नए कनेक्शनों को बनाया जाएगा आसान

सीवरेज एंव वाटर सप्लाई शाखा के सुपरिंटेंडेंट रवदीप सिंह ने कहा कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तकनीकी कारण आड़े आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो कोई व्यक्ति घरेलू या व्यवसायिक इमारत का निर्माण करना चाहता है तो उसे उनकी शाखा नए पानी व सीवरेज के कनेक्शन जारी नहीं कर पाते। तय नियमों अनुसार पास किया गया घरेलू या व्यवसायिक नक्शा साथ में देना अनिवार्य है। अधिकतर लोग अवैध पानी का कनेक्शन लेने के बाद उसे कई-कई सालों बाद रेगुलर करवा रहे हैं। यदि प्रापर्टी का मालिकाना दस्तावेज लेकर पानी या सीवरेज का कनेक्शन जारी करने की अनुमति दे दी जाए तो उससे लोगों को भरपूर फायदा हो सकता है। इस बदलाव के लिए तय नियमों का बदलना जायज होगा या नहीं, इसे जनरल हाउस में तय किया जाएगा।


प्रापर्टी टैक्स की रिकवरी को और अधिक सुधारेगा निगम

प्रापर्टी टैक्स की रिकवरी को सुधारने के लिए निगम अन्य राज्यों की तर्ज पर काम करते हुए अपनी रिकवरी को सुधारने पर ध्यान देगा। बेशक बीते साल के वित्तीय बजट में निगम ने प्रापर्टी टैक्स का लक्ष्य 28 करोड़ रुपये तय किया था, जिसके अधीन निगम अभी तक 17 करोड़ रुपये इकट्ठे कर चुका है। ये राशि बीते कई सालों के बकाया को एक मुश्त भरवाने के कारण हो पाई है, जबकि बकाया प्रापर्टी टैक्स पूरा होने के बाद हरेक साल प्रापर्टी टैक्स की रिकवरी 17 से 18 करोड़ रुपये के बीच रहेगी। प्रापर्टी टैक्स की आय को बढ़ाने के लिए एफ एंड सीसी सदस्यों सहित मेयर व कमिश्नर ने विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मेयर ने प्रापर्टी टैक्स शाखा के सुपरिंटेंडेंट संजीव गर्ग और रमिंदर सिंह को हर प्रकार की सुविधा एंव जरूरी स्टाफ मुहैया करवाने का वायदा किया। एफ एंड सीसी सदस्य अनिल मोदगिल ने कहा कि इस साल प्रापर्टी शाखा की ओर से शहर के किसी भी वार्ड में कोई शिविर नहीं लगाया गया है, जबकि शिविर का आयोजन करने से रिकवरी बढ़ सकती थी। इस पर मेयर ने कहा कि प्रापर्टी टैक्स शाखा को नए कंप्यूटर या लैपटॉप दिए जाएं, ताकि प्रापर्टी टैक्स शाखा अपने काम को अच्छे तरीके से कर सके। रिकवरी बढ़ाने के लिए प्रापर्टी टैक्स शाखा अपने साथ इंजीनियरिंग स्टाफ की सहायता भी ले सकेगी। साथ ही इस बात को भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जिस घर में कोई व्यवसायिक काम हो रहा होगा, उनसे व्यवसायिक रेट पर प्रापर्टी टैक्स वसूल किया जाएगा। जनरल हाउस की बैठक दौरान इस बात की चर्चा की जाएगी कि जिन लोगों ने अपने घरों में पीजी खोल रखे हैं, उनसे भी व्यवसायिक प्रापर्टी टैक्स वसूल किया जाएगा। तर्क देते हुए एफ एंड सीसी सदस्य अनिल मोदगिल ने कहा कि जिस घर में पीजी खोला गया है, वह घरेलू रेट पर अतिरिक्त पानी और सीवरेज का प्रयोग कर रहा है और इस तरह करने वालों से व्यवसायिक प्रापर्टी टैक्स वसूला जाना आवश्यक है।


तीन धर्मशालाओं को मिले 26.20 लाख

एफ एंड सीसी ने वार्ड नंबर 54 में स्थित बाल्मीकि धर्मशाला के लिए 5 लाख, वार्ड नंबर 60 में स्थित भारत नगर की धर्मशाला के लिए 7 लाख 20 हजार और वार्ड नंबर 54 की बाबा जीवन सिंह बस्ती की धर्मशाला के लिए 14 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।

नए बने शौचालय की आय तय करेगा निगम | एफएंडसीसी की बैठक दौरान कमिशनर पूनमदीप कौर ने कहा कि शहरवासियों की सुविधा के लिए निगम की ओर से दो दर्जन से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। हरेक शौचालय को चलाने के लिए 15 से 20 हजार रुपये महीना की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए यदि हरेक शौचालय की किसी एक दीवार पर विज्ञापन की अनुमति दे दी जाए तो उससे शौचालयों के रखरखाव में आसानी हो सकेगी। एफ एंड सीसी सदस्यों ने इस पर अपनी सहमति दे दी है।

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