बेटी घर का शृंगार, 21 कुल का उद्धार करती है : बीके पिंकी
पातड़ां| प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि पातड़ां की तरफ से प्रभु मिलन भवन में महिला दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ब्रह्माकुमारीज पटियाला जोन की निर्देशिका बीके शांता दीदी, बीके पिंकी, बीके तमन्ना दीदी भी पटियाला से पहुंचे। बीके पिंकी ने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी महिला अपने आप को डरी हुई महसूस करती है। महिला को शिक्षित होने के साथ साथ उनका सशक्तिकरण भी होना जरूरी है। आज भी हर कोई घर में मां चाहता है, प|ी चाहता है, बहन चाहता है पर बेटी नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि बेटी घर का शृंगार है। कन्या ही 21 कुल का उद्धार करती है। इस अवसर पर मदर इंडिया स्कूल की डायरेक्टर बहन वीना ने कहा कि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नही है। उन्होंने झांसी की रानी, मदर टेरेसा, इन्द्रा गांधी और कल्पना चावला के उदाहरण देते हुए कहा कि हमें भी उनसे प्रेरित होना चाहिए। बी के तमन्ना बहन ने सबको होली की बधाई दी।