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बाॅर्डर क्राॅस करते पकड़े गए विदेश जाने वाले और एजेंट, तीन महीने जेल में रहे

एक वर्ष पहले
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50 हजार भरकर लाैटे इंडिया, एसएसपी से शिकायत, अाराेपियाें के खिलाफ केस दर्ज

वर्क परमिट पर यूरोप और फ्रांस भेजने के नाम पर तीन सगे भाइयों ने 4 युवकाें से 30 लाख की ठगी कर ली। आरोपियों ने युवकाें काे अर्मीनिया से गैरकानूनी तरीके से जॉर्जिया में एंट्री कराई। वहां पर चारों युवकाें अाैर दाे एजेंट भाईयाें काे मिलिट्री ने गिरफ्तार कर लिया था। 3 महीने जेल में रहने के बाद युवक भारत लाैटे।

पीड़िताें ने अपनी शिकायत एसएसपी काे दी। एेजेंट भाइयों गुरसेवक सिंह, करनवीर सिंह, अमनप्रीत सिंह पनोदिया के खिलाफ केस दर्ज कराया। राकेश शर्मा, मनीष कुमार निवासी अंबाला, पलविंदर सिंह, अमरिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि गुरसेवक सिंह, करणवीर सिंह, अमनप्रीत सिंह ने सरहिंद रोड पर इमिग्रेशन ऑफिस बनाया है। आरोपियों ने उन्हें यूरोप और फ्रांस वर्क परमिट पर भेजने के लिए 30 लाख रुपए लिए। बाद में सभी को जाॅर्जिया भेज दिया। वहां जॉर्जिया पुलिस ने उनकाे गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने उनके पैसे भी नहीं लौटाए। पीड़ित पलविंदर सिंह ने बताया कि उसने और उनके पड़ोसी अभनिंदर ने फ्रांस जाने के लिए अाराेपियाें काे फाइल दी थी। आरोपियों ने अक्टूबर में जयपुर से उन्हें अजबाई भेजा। वहां 7 दिन रुकने के बाद टैक्सी के रास्ते ईरान और वहां एक रात रहने के बाद टैक्सी से अर्मीनिया भेजा। 29 अक्टूबर को रात को 1 से 2 बजे के समय आरोपी गुरसेवक और कर्मवीर सिंह ने बॉर्डर पार करने के लिए धमकाया। उनसे डाॅलर, माेबाइल फाेन अाैर पासपाेर्ट छीन लिए, जिस कारण वह वहां पर मजबूर हो गए। अर्मीनिया में उनकी मुलाकात राकेश और मनीष से हुई। वहां से उन चारों के साथ आरोपी दोनों एजेंट भाई भी बॉर्डर क्रॉस कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद 50 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से हर्जाना भरने के बाद उन्हें रिहा किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों एजेंट भाइयों का हर्जाना भी उन लोगों ने भरा।

24 घंटे में खाने काे मिलता था एक ब्रेड

शिकायतकर्ता पलविंदर ने बताया कि जॉर्जिया जेल में उन्हें एक कमरे में रखा गया। वहां पर वह सिर्फ 6 लोग थे। उन्हें किसी से बातचीत नहीं करने देते थे जबकि वहां बहुत हिंदुस्तानी बंद हैं। खाने के लिए 24 घंटे में 1 एक ब्रेड मिलता था, जाे पानी के साथ खानी हाेती थी। उन्हें 2000 लारी भरने काे कहा गया, जिसे भरने केेेेे बाद वह इंडिया लाैट सके। बताया कि 2 हजार लारी इंडिया के 50 हजार रुपए के बराबर है।

वर्क परमिट पर यूरोप और फ्रांस जाने को दिए 30 लाख

29 अक्टूबर को रात को 1 से 2 बजे के समय आरोपी गुरसेवक और कर्मवीर सिंह ने बॉर्डर पार करने के लिए धमकाया। उनसे डाॅलर, माेबाइल फाेन अाैर पासपाेर्ट छीन लिए, जिस कारण वह वहां पर मजबूर हो गए। अर्मीनिया में उनकी मुलाकात राकेश और मनीष से हुई। वहां से उन चारों के साथ आरोपी दोनों एजेंट भाई भी बॉर्डर क्रॉस कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद 50 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से हर्जाना भरने के बाद उन्हें रिहा किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों एजेंट भाइयों का हर्जाना भी उन लोगों ने भरा।

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