सूतक में खुला रहेगा श्रीकाली माता मंदिर पुजारी बाेले- तांत्रिक विधि से मूर्ति स्थापित

Patiala News - 16 और 17 जुलाई की रात 1:32 से सुबह 4:32 तक चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी देखा जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण दोपहर 1:30 बजे से...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:20 AM IST
Patiala News - shreekali mata temple priest will be open in the utensils tantric method establishes idol
16 और 17 जुलाई की रात 1:32 से सुबह 4:32 तक चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी देखा जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण दोपहर 1:30 बजे से सूतक लग जाएगा, जिस कारण शहर के सभी मंदिर बंद हो जाएंगे और अगले दिन 17 जुलाई की सुबह खुलेंगे। प्राचीन श्री काली माता मंदिर खुला रहेगा। यह सदी का दूसरा ढाई घंटे से ज्यादा लंबी अवधि वाला चंद्रग्रहण है। ग्रहण की कुल अवधि 3.02 मिनट रहेगी। श्री काली माता मंदिर के मैनेजर सतपाल शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक श्री काली माता मंदिर में सूतक के कारण किसी भी देवी-देवता को प्रसाद नहीं लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि इस समय के दौरान वह मंदिर में प्रसाद न लेकर आएं। मंदिर में श्रद्धालु को प्रसाद नहीं मिलेगा। कोई भी श्रद्धालु प्रसाद के लिए पुजारियों और सेवादारों से प्रसाद देने की मांग न करें।

सतपाल शर्मा।

प्रतिमा स्पर्श नहीं करेंगे... ग्रहणकाल में इसलिए खुला रहेगा मंदिर

सूतक दोपहर 1.30 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे। घरों व मंदिरों में शाम के वक्त आरती नहीं होगी। अगले दिन सुबह शुद्धि करने के बाद ही पूजा घर खोले जाएंगे। एेसे में भक्तों को भगवान से दूर न रहते हुए उनकी शरण में रहना चाहिए। श्री काली माता मंदिर के पुजारी पंडित कालीकांत ने बताया कि 200 साल से भी ज्यादा पुरातन इस मंदिर में तांत्रिक विधि-विधान से महाराजा भूपिंदर सिंह द्वारा श्री काली माता की मूर्ति स्थापना की गई थी। मंदिर में दोपहर डेढ़ बजे से रात साढ़े 9 बजे मंदिर के बंद होने के समय तक श्रद्धालु प्रतिमा का स्पर्श या पूजा-अर्चना करने की बजाए माता के समक्ष बैठक कर केवल भजन और नाम संकीर्तन सकते हैं। सूतक के दौरान पुजारी भी माता की प्रतिमा को स्पर्श नहीं करेंगे और सिंहासन पर बैठने की बजाय टेबल-कुर्सी लगाकर भवन में बैठेंगे। पंडित कालीकांत ने बताया कि इस अवधि के दौरान न तो माता को प्रसाद लगाया जाएगा और न ही माता का प्रसाद श्रद्धालुओं को दिया जाएगा।

जयदीप|पटियाला

16 और 17 जुलाई की रात 1:32 से सुबह 4:32 तक चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी देखा जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण दोपहर 1:30 बजे से सूतक लग जाएगा, जिस कारण शहर के सभी मंदिर बंद हो जाएंगे और अगले दिन 17 जुलाई की सुबह खुलेंगे। प्राचीन श्री काली माता मंदिर खुला रहेगा। यह सदी का दूसरा ढाई घंटे से ज्यादा लंबी अवधि वाला चंद्रग्रहण है। ग्रहण की कुल अवधि 3.02 मिनट रहेगी। श्री काली माता मंदिर के मैनेजर सतपाल शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक श्री काली माता मंदिर में सूतक के कारण किसी भी देवी-देवता को प्रसाद नहीं लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि इस समय के दौरान वह मंदिर में प्रसाद न लेकर आएं। मंदिर में श्रद्धालु को प्रसाद नहीं मिलेगा। कोई भी श्रद्धालु प्रसाद के लिए पुजारियों और सेवादारों से प्रसाद देने की मांग न करें।

सूतक दोपहर 1.30 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे। घरों व मंदिरों में शाम के वक्त आरती नहीं होगी। अगले दिन सुबह शुद्धि करने के बाद ही पूजा घर खोले जाएंगे। एेसे में भक्तों को भगवान से दूर न रहते हुए उनकी शरण में रहना चाहिए। श्री काली माता मंदिर के पुजारी पंडित कालीकांत ने बताया कि 200 साल से भी ज्यादा पुरातन इस मंदिर में तांत्रिक विधि-विधान से महाराजा भूपिंदर सिंह द्वारा श्री काली माता की मूर्ति स्थापना की गई थी। मंदिर में दोपहर डेढ़ बजे से रात साढ़े 9 बजे मंदिर के बंद होने के समय तक श्रद्धालु प्रतिमा का स्पर्श या पूजा-अर्चना करने की बजाए माता के समक्ष बैठक कर केवल भजन और नाम संकीर्तन सकते हैं। सूतक के दौरान पुजारी भी माता की प्रतिमा को स्पर्श नहीं करेंगे और सिंहासन पर बैठने की बजाय टेबल-कुर्सी लगाकर भवन में बैठेंगे। पंडित कालीकांत ने बताया कि इस अवधि के दौरान न तो माता को प्रसाद लगाया जाएगा और न ही माता का प्रसाद श्रद्धालुओं को दिया जाएगा।

जयदीप|पटियाला

16 और 17 जुलाई की रात 1:32 से सुबह 4:32 तक चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी देखा जाएगा। चंद्र ग्रहण के कारण दोपहर 1:30 बजे से सूतक लग जाएगा, जिस कारण शहर के सभी मंदिर बंद हो जाएंगे और अगले दिन 17 जुलाई की सुबह खुलेंगे। प्राचीन श्री काली माता मंदिर खुला रहेगा। यह सदी का दूसरा ढाई घंटे से ज्यादा लंबी अवधि वाला चंद्रग्रहण है। ग्रहण की कुल अवधि 3.02 मिनट रहेगी। श्री काली माता मंदिर के मैनेजर सतपाल शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे से लेकर रात 9:30 बजे तक श्री काली माता मंदिर में सूतक के कारण किसी भी देवी-देवता को प्रसाद नहीं लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि इस समय के दौरान वह मंदिर में प्रसाद न लेकर आएं। मंदिर में श्रद्धालु को प्रसाद नहीं मिलेगा। कोई भी श्रद्धालु प्रसाद के लिए पुजारियों और सेवादारों से प्रसाद देने की मांग न करें।

पंडित कालीकांत ने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे से सूतक लगने के कारण शाम की आरती और माता की शयन आरती भी नहीं होगी क्योंकि इस समय के दौरान स्वयं माता पर ग्रहण का असर रहेगा। उन्होंने बताया कि ग्रहण के दौरान वह भी मंदिर में रहकर श्री काली माता के बीज मंत्र ओम एं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै का जाप करेंगे। 17 जुलाई को माता को तरनतान के पट्टी शहर की राजवंत रानी द्वारा दी गई पौशाक पहनाई जाएगी, जिसकी बुकिंग पहले से हो रखी है। सभी देवी-देवताओं के संपूर्ण स्नान में समय लगेगा इसलिए सुबह साढ़े 6 बजे श्री काली माता मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।

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