विश्व स्लीप दिवस पर खुला स्लीप क्लीनिक
पूरी नींद न ले पाना हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मोटापा और शुगर के बुरे प्रभावों को बढ़ावा देता है। विश्व स्लीप दिवस पर लाेगाें में बढ़ती नींद की समस्या काे दूर करने के लिए कोलंबिया एशिया अस्पताल ने स्लीप क्लीनिक खाेला है। डॉ. भास्कर बताया कि नींद की गुणवत्ता के साथ-साथ नींद की मात्रा बहुत जरूरी है। शिशुओं और बच्चों में 10-16, युवा पीढ़ी को 9-10 और व्यस्कों को 7-9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। खर्राटे लेना, नींद के दौरान अचानक सांस का रुक जाना, दिन के समय ज्यादा नींद आना, दिनभर थकावट महसूस होना, ढंग से नींद न आना, ध्यान एकत्रित करने या याद्दाश्त की दिक्कत, रात को ज्यादा पसीना आना, धीमी प्रतिक्रिया, एसिडिटी, शुगर, उच्च रक्तचाप और मोटापा आदि कुछ एक लक्षण हैं। यह क्लीनिक ब्रेथवेल क्लीनिक प्राइवेट लिमिटेड का, अमेरिकन न्यूरोलॉजिस्ट और स्लीप मेडिसिन एक्सपर्ट्स, साझा गठबंधन है। अस्पताल के चीफ ऑफ मेडिकल सर्विसेज डॉ. सिमिका तुली, जनरल मैनेजर गुरकीरत सिंह, द स्लीप क्लीनिक के मेडिकल डायरेक्टर डॉ.भास्कर आज़ाद माैजूद रहे।