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सरकारी स्कूलों में शुरू होगी ट्रासपोर्ट सुविधा

एक वर्ष पहले
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प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर अब पंजाब एजुकेशन विभाग सरकारी स्कूलों में ट्रांसपोर्ट सुविधा गांवों में शुरू करेगा, जिससे दूरदराज के बच्चे अब आसानी से स्कूल पहुंच सकेंगे। इस सुविधा पंजाब एजुकेशन डिपार्टमेंट के सुपर स्मार्ट स्कूल पॉलिसी के तहत शुरू होगी। शुरुआत में यह सुविधा पांच जिलों में शुरू होगी, जिसमें 68 स्कूलों के 461 गांव में बस द्वारा 9095 बच्चों को स्कूल पहुंचाया जाएगा। एजुकेशन विभाग द्वारा जारी लिस्ट में संगरुर, फाजिल्का, मानसा, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर में यह सुविधा शुरू करने का ऐलान किया गया है। संगरूर में 24 सरकारी स्कूलों 138 गांवों के कुल 3395 बच्चों को बस द्वारा स्कूल पहुंचाया जाएगा। वहीं, फजिल्का के एक स्कूल में 12 गावों के 95 बच्चों को बस से स्कूल पहुंचाया जाएगा। मानसा के पांच स्कूलों में 20 गांवों के 300 बच्चों को बस द्वारा स्कूल पहुंचाया जाएगा। जालंधर के 18 स्कूलों में 146 गांवों के 2643 बच्चों को स्कूल बस द्वारा पहुंचाया जाएगा। वहीं फतेहगढ़ साहिब के 21 स्कूलों में 154 गांवों के 2362 बच्चों को बस द्वारा स्कूल पहुंचाया जाएगा। यह सुविधा सुपर स्मार्ट स्कूल के तहत शुरू की गई है।

विरोध में उतरा डोमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट

इधर, डोमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट का कहना है कि सुपर स्मार्ट के नाम विद्यार्थियों से रिहायश के नजदीक मिलती शिक्षा का अधिकार छीनना है। डेमोक्रेटिक टीचर्ज फ्रंट (डीटीएफ) ने सरकार के इस फैसला का विरोध किया और कहा कि सुपर स्मार्ट के नए नाम पर केवल कुछ स्कूल को ही ट्रासपोर्ट मुहैया करवाने और बाकी बड़ी संख्या स्कूल को मर्जिंग करने का एजेंडा आगे बढ़ाने का मन बना लिया है, जिसका हम विरोध करते हैं। डीटीएफ पंजाब के सूबा प्रधान दविन्दर सिंह, जनरल सचिव जसविन्दर सिंह और सीनियर मित्र प्रधान विक्रम देव सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से सरकारी स्कूलों की मर्जिंग और शिक्षा के निजीकरण को ट्रासपोर्ट की सुविधा मुहैया करवा के लागू किया जा रहा है।
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