सेल्फ स्मार्ट बनाने को दबाव बनाना गलत : मनोज घई

Patiala News - शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलाें काे सेल्फ स्मार्ट बनाने में लगा हुअा है। इसके चलते स्कूलाें के अध्यापकाें काे...

Nov 11, 2019, 07:21 AM IST
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलाें काे सेल्फ स्मार्ट बनाने में लगा हुअा है। इसके चलते स्कूलाें के अध्यापकाें काे अपने-अपने इलाके के समाजसेवी लाेगाें अाैर ग्राम पंचायत के पास जाकर स्कूल काे सेल्फ स्मार्ट बनाने की अपील की है। इस तरह अध्यापक लाेगाें के पास जाकर स्कूल काे कुछ न कुछ दान करने के लिए बाेल रहे हैं। जिन गांव की पंचायतें अार्थिक ताैर पर मजबूत हाेती है वह ताे स्कूल का स्मार्ट बनाने के लिए याेगदान डाल देते हैं, लेकिन जाे पंचायतें आर्थिक ताैर पर कमजाेर हाेती हैं उन गांवाें की पंचायताें काे टालमटाेल करनी पड़ रही है। जहां तक कि कुछ सरपंचाें ने ताे स्कूल अध्यापक का फाेन ही उठाना बंद कर दिया है। अध्यापक ने बताया कि चाहे स्कूल का काेई अाैर ही काम क्याें न हाे लेकिन सरपंचाें की तरफ से यह साेचकर फाेन नहीं उठाया जाता कि ये अध्यापक स्कूल काे फंड देने के लिए ही फाेन कर रहे हाेंगे। इस तरह से सरपंच द्वारा फाेन न उठाने से अध्यापकाें काे भी शर्म महसूस हाेने लगती है।

एलीमेंट्री टीचर यूनियन के जिला प्रधान मनाेज घई ने बताया कि एक तरफ ताे शिक्षा विभाग ने मिशन 100 फीसदी शुरू किया हुअा है, वहीं दूसरी तरफ अध्यापकाें काे स्मार्ट स्कूल बनाने जैसे अन्य कामाें में उलझा रखा है। इस तरह के हालाताें में एक अध्यापक कैसे बच्चाें काे रुचि के साथ पढ़ा सकता है। उन्हाेंने कहा कि सरपंचाें की तरफ से अध्यापकाें का फाेन न उठाए जाने जैसी कई सूचनाएं पहुंची है जाे कि निंदनीय है। उन्हाेंने कहा कि विभाग की तरफ से अध्यापकाें पर स्कूल काे सेल्फ स्मार्ट बनाने का जाे दवाब डाला जा रहा है वह सरासर गलत है।

समाजसेवी भी हामी भर देते हैं लेकिन फिर फोन नहीं उठाते

इसी तरह से वाे कुछ समाजसेवी एेसे भी हाेते हैं जाे पहले स्कूल काे फंड देने के लिए सहमति दे देते हैं, लेकिन बाद में फाेन नहीं उठाते। इस तरह से उनकाे बार-बार फाेन करना पड़ता है। इस तरह से स्कूल अध्यापक काे बच्चाें काे पढ़ाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जबकि इस बार पाचवीं अाैर अाठवीं क्लास की बाेर्ड की परीक्षा हाेनी है।

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