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व्यापारियों को टैक्स में कटौती, जनता को इनकम टैक्स स्लैब बढ़ने की आस

Phagwara News - मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2018 के आम बजट की घोषणा पहली फरवरी को की जा रही है। आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को बजट से कई...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:20 AM IST
व्यापारियों को टैक्स में कटौती, जनता को इनकम टैक्स स्लैब बढ़ने की आस
मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2018 के आम बजट की घोषणा पहली फरवरी को की जा रही है। आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को बजट से कई उम्मीदें हैं। व्यापारियों ने जहां बजट में टैक्स में कटौती की बात कही है, तो वहीं आम लोगों की इनकम टैक्स का दायरा बढ़ाने की मांग है। आज होने वाले पेश होने वाले बजट को लेकर शहर के वुद्धिजीवियों और व्यापारी वर्ग में अलग-अलग राय है। हालांकि लोगों का कहना है कि बजट आम आदमी के हित में हो, ताकि अमीरी और गरीबी का अंतर खत्म हो सके।

इंडस्ट्री के लिए राहत देने वाला हो बजट : अशोक

उद्योगपति अशोक सेठी ने कहा कि बजट से व्यापारी वर्ग को बहुत उम्मीदें हैं। बजट इंडस्ट्री को राहत देने वाला होना चाहिए। अगर केंद्र सरकार जीएसटी दर को एक या दो स्लैब पर रखती है, तो व्यापार चलाना काफी आसान हो जाएगा।

रोजमर्रा की चीजों की कीमतें कम करे सरकार : जौड़ा

सर्राफा कारोबारी मोहनजीत जौड़ा ने कहा कि अगर सरकार रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुअों की कीमतों में कटौती करे, तो लोगों को राहत महसूस होगी। व्यापारियों को जीएसटी के दायरे में तो ला दिया है परंतु व्यापारियों की रिटर्न फाइल करने में अभी भी परेशानी आ रही है। लिहाजा इसका स्लैब निर्धारित किया जाए।

इनकम टैक्स स्लैब में 5 लाख की बढ़ोतरी हो : लोकेश नारंग

एडवोकेट लोकेश नारंग ने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी होनी चाहिए। इस स्लैब को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपए किया जाना चाहिए। अगर यह स्लैब लागू होता है तो काफी राहत होगी। इसके अलावा जो व्यक्ति टैक्स अदा कर रहे हैं सरकार द्वारा उन्हें मेडिकल सुविधाएं भी देनी चाहिए, ताकि उन्हें टैक्स देने का फायदा हाे।

मेडिकल उपकरणाें पर ड्यूटी कम की जाए : डॉ. राजन

नेत्र विशेषज्ञ डाॅ. राजन ने कहा कि सरकार को चाहिए कि जो मेडिकल उपकरण विदेशों से आते हैं अगर सरकार उन पर से ड्यूटी कम कर दे। इससे इलाज सस्ता होगा। इसके अलावा दवाइयां जो कि अब जीएसटी के दायरे में आ गई, हैं इसे कम किया जाए जबकि लाइफ सेविंग ड्रग को जीएसटी के दायरे से मुक्त किया जाए।

जीएसटी का सिंगल स्लैब होना चाहिए : सीए अमित चड्ढा

सीए अमित चड्ढा ने बताया कि बजट लोगों को फायदा देने वाला होना चाहिए। इनकम टैक्स को बढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा इंवेस्टमेंट अमाउंट 2 से अढ़ाई लाख रुपए की जानी चाहिए। जीएसटी की रिटर्न एक माह में एक ही होनी चाहिए। जीएसटी का स्लैब सिर्फ 2 हो। विदेशों में सिंगल स्लैब सिस्टम है।

शिक्षा के लिए अधिक बजट रखे सरकार: पारस जलोटा

युवा पारस जलोटा मानते हैं कि रेल किराया और रेस पास की कीमतों में कमी आनी चाहिए। शिक्षण संस्थाओं का अधिक से अधिक बजट रखा जाना चाहिए, ताकि शिक्षा सस्ती हो सके और युवा अधिक से अधिक पढ़ाई कर सकें। सरकार को सरकारी स्कूलाें में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

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