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गड्ढे में दबा रखे थे 36 लाख रुपये, अब तक लूट के 98 लाख बरामद

27 साल के निम्मा की निशानदेही पर पुलिस ने 36 लाख 25 हजार 200 रुपये भी बरामद कर लिए हैं।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 05:26 AM IST
36 lakh rupees were kept in the pit

जालंधर. भोगपुर में कैश वैन से 1.18 करोड़ रुपये लूटने के मामले में फरार छठे लुटेरे सुखविंदर सिंह निम्मा को पुलिस ने लाडोवाली रोड से अरेस्ट कर लिया है। हमीरा के रहने वाले 27 साल के निम्मा की निशानदेही पर पुलिस ने 36 लाख 25 हजार 200 रुपये भी बरामद कर लिए हैं।

निम्मा को अदालत में पेश करके पुलिस ने तीन दिन का रिमांड लिया है। केस में अब 7वें लुटेरे गुरप्रीत सिंह गोपी की तलाश में रेड चल रही है। पुलिस अब तक लूट की रकम में से 97 लाख 94 हजार 700 रुपये बरामद कर चुकी है। बाकी की रकम गोपी के पास बताई जा रही है। गोपी एक मर्डर की साजिश के केस में पहले से ही पुलिस को वांछित है।

आईजी अर्पित शुक्ला और एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 10 नवंबर को भोगपुर के गांव मानक राय के पास बाइक पर आए 6 लुटेरे कैश वैन से 1 करोड़, 18 लाख, 50 हजार रुपये लूटकर ले गए थे। वैन का रास्ता सफेद रंग की कार ने रोका था। पुलिस ने उसी दिन कार में भागे लुटेरे रंजीत को एनकाउंटर में जख्मी कर पकड़ लिया। रंजीत की पूछताछ में मामला क्लियर हो गया। आईजी ने बताया कि पुलिस केस में अब तक रंजीत के अलावा जसकरण सिंह उर्फ बाऊ, मास्टरमाइंड हैप्पी, सुखदेव सिंह सोनू और मनोज शर्मा को पकड़ चुकी है।

आईजी ने बताया कि जांच में पता चला था कि निम्मा के दादा, बुआ और अन्य फैमिली मेंबर यूपी के लखीमपुर में है तो वहां पुलिस पार्टी भेजी गई थी। रेड का निम्मा को पता चला तो वह बस से जालंधर गया। सीआईए स्टाफ के इंचार्ज हरिंदर सिंह गिल ने टीम के साथ निम्मा को लाडोवाली रोड से पकड़ लिया। उसने माना कि वह कैश हमीरा के पास जमीन में दबाकर आया है तो पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कैश बरामद कर लिया।

आरोपी ने माना कि वह दस साल से हमीरा में ही शराब फैक्टरी में काम करता रहा है। यहां पर हैप्पी भी काम करता था। हैप्पी ने उससे कहा था कि वह एक झटके में अमीर बन सकते हैं। हैप्पी पहले एटीएम में कैश लोड करने वाली कंपनी में काम करता था। इसलिए वह साजिश का हिस्सा बन गया था।

पैसा यूपी ले जाने की प्लानिंग थी
आईजीअर्पित शुक्ला ने बताया कि सुखविंदर सिंह निम्मा यह सोचकर लखीमपुर से जालंधर आया था कि वह बस अड्डे से पैदल सीधे रेलवे स्टेशन पहुंच जाएगा। यहां से डीएमयू में हमीरा स्टेशन उतर कर उस जगह जाएगा जहां नोटों का बैग तीन फीट गहरे गड्ढे में दबाया था। निम्मा ने माना कि उसने हैप्पी को रंजीत के हिस्से का कैश दिया था। वह इतना कैश लेकर नहीं जाना चाहता था इसलिए गड्‌ढे में बैग छुपाया था। उसने बैग निकालकर दोबारा जालंधर आना था। यहां से यूपी में छुपने की प्लानिंग थी। मामला ठंडा होने पर पत्नी को भी अपने पास बुला लेना था।

पुलिस ने पकड़ा तो आरोपी बोला- मारना मत, पैसे कहां है बता देता हूं
पुलिस लगातार यूपी में रेड कर रही थी। लखीमपुर के गांव तेहरांपुर में रेड की। जहां निम्मा के दादा, मौसी और बुआ मिली। फैमिली दावा कर रही थी कि निम्मा यहां नहीं आया। पुलिस को निम्मा के फूफा को शक होने पर राउंडअप कर पूछताछ की तो उसने माना कि निम्मा ने लखीमपुर से उसे कॉल कर बस अड्डे पर बुलाया था। उसने पैसे लेने जालंधर जाना है। जहां वह गेस्ट हाउस में रुका था। जब तक सारा मामला क्लियर हुआ तब तक आरोपी जालंधर चुका था। बस अड्डे से पता चला कि थोड़ी देर पहले ही बस आई है। सीआईए इंचार्ज हरिंदर सिंह गिल और थाना भोगपुर के एसएचओ सुरजीत सिंह ने तलाश शुरू की और निम्मा को तब गिरफ्तार कर लिया जब वह पैदल ही लाडोवाली रोड से स्टेशन जा रहा था। पुलिस उसे सीआईए स्टाफ ऑफिस लेकर गई तो उसने कहा कि मारना मत पैसे कहां है- बता देता हूं। पुलिस उसे हमीरा हमीरा ले गई और 3 फीट गहरे गड्ढे में छुपाकर रखे कैश के बैग को बरामद कर लिया।

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