जालंधर

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कोल्हू में हुआ ब्लास्ट तो मालिक के बेटे की मौत, धमाके का कारण साफ नहीं

लोगों ने बम धमाके की आशंका से तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस पहुं

Danik Bhaskar

Nov 17, 2017, 05:44 AM IST

पटियाला. रात पौने एक बजे पुरानी अनाज मंडी में सरसों तेल के एक कोल्हू में ब्लास्ट होने से एक युवक की मौत हो गई। धमाका इतना जोरदार था कि दुकान की छत दीवारें टूटने से ईंटें, लोहे का शटर समेत तेल की भरी खाली बोतलें करीब सौ मीटर की दूरी पर चारों तरफ जा बिखरीं। इससे सटी अन्य तीन दुकानों की छत-दीवारें भी टूट गई और कुछ मामूली नुकसान हुआ। धमाके से आसपास की दुकानों, मिल फैक्ट्री सहित अन्य कारखानों मकानों में सो रहे लोग तक कांप उठे।

लोगों ने बम धमाके की आशंका से तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस पहुंची। पुलिस ने करीब आधा घंटे सर्च की। इस दौरान एक महिला ने कोल्हू की पिछले हिस्से में 30 मीटर की दूरी पर दुकान में काम कर रहे मालिक के बेटे रजत को लहूलुहान हालत में तड़पते हुए देखा। उसका पेट, छाती जली थी और मुंह से खून निकल रहा था। एंबुलेंस से घायल को राजिंदरा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया।

शटरबंद कर काम में लगा था रजत : पुलिसने जांच कर बताया कि एमसीए पास 30 साल का रजत दुकान में दोनों तरफ के शटर बंद कर काम कर रहा था। इस दौरान कोई गैस लीक होने पर दबाव बढ़ता गया और किसी केमिकल या फिर शॉर्ट सर्किट से अचानक ब्लास्ट हो गया। पुलिस ने बताया कि शटर बंद होने के चलते धमाका तेज था। वहीं, रजत के पिता राकेश ने बताया कि उनका बेटा अभी दुकान के अंदर पहुंचा ही नहीं था। दुकान का शटर उठाते ही धमाका हो गया। हादसाग्रस्त दुकान समेत चारों दुकानें करीब सौ गज की हैं। एक दुकान में आयरन वैल्डिंग का काम होता है। दूसरी दुकान रजत की थी। तीसरे बाड़े में काका ने पालतू पशु रखे हैं। चौथी दुकान में स्टील चिमनी सहित अन्य उपकरण रखे हुए थे। पुलिस ने बताया कि वैल्डिंग दुकान से भी किसी प्रकार का धमाका सामने नहीं आया है।

जाली करंसी केस में जेल गया था रजत
पुलिस ने बताया कि मृतक रजत पर सीआईए पुलिस ने साल 2007-08 के आसपास जाली करंसी की बरामदगी का केस दर्ज किया था। केस में गिरफ्तारी के बाद रजत करीब 13 महीने तक जेल में भी रहा था। इसके बाद उस पर कोई केस नहीं था।

इसलिए नहीं है बम धमाका
जांच टीम ने बताया कि जिस जगह बम धमाका होता है, वहां एक विशेष प्रकार का गड्ढा बनता है, घटनास्थल पर ऐसा कुछ नहीं मिला। कोई एक्सप्लोसिव भी नहीं मिला। पुलिस थ्यूरी के मुताबिक कोई सिर्फ रजत की दुकान पर ही धमाका क्यों करेगा?

संदिग्ध सामान बरामद, एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट का इंतजार धमाकेके बाद से वीरवार शाम तक पुलिस मौके की जांच करने सहित क्रेन से मलबा हटवाती रही। डीएसपी सौरव जिंदल ने बम धमाका होने की बात से इंकार किया। उन्होंने हादसे का कारण किसी तरह के केमिकल या गैस लीकेज होना बताया। पुलिस को दुकान से कई तरह का संदिग्ध सामान मिला है। इसमें विशेष प्रकार के लिक्विड की कई बोतलें और अन्य सामान शामिल हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने भी मौके की जांच कर कई सैंपल जुटाए। पुलिस को बरामद संदिग्ध सामान पर एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट का इंतजार है। रजत का मोबाइल भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।

कितने बजे क्या हुआ
- 10:30 बजे के करीब रजत घर से दुकान के लिए निकला।
- 11:00 बजे करीब रजत दुकान पर पहुंचा।
- 12:30 बकौल पुलिस इसके बाद दुकान पर कर रहा था काम।

छोटे भाई को ऑस्ट्रेलिया के लिए गुड-बाय कहकर लौटा था

रजत के पिता राकेश कुमार ने बताया कि बुधवार रात वह अपने छोटे बेटे लविश को दिल्ली एयरपोर्ट पर छोड़ने के लिए घर से करीब 10:30 बजे निकले थे। बीकॉम पास बेटे लविश को स्टडी बेस पर ऑस्ट्रेलिया जाना था। भाई को गुड-बाय कहने के बाद ही रजत दुकान पर करीब 11 बजे वापस काम करने पहुंचा था। उसे वीरवार की सुबह कई जगहों पर तेल की सप्लाई करनी थी। वह दुकान पर तेल की कुछ कैनी बोतलें भरने आया था। पिता ने बताया कि वह सोनीपत पहुंचे तो उन्हें मोबाइल फोन पर दुकान में धमाके की सूचना मिली। वे तुरंत लविश के साथ वापस गये। राकेश ने रजत की किसी से कोई दुश्मनी नहीं होने की बात कही।

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