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चोरी की बाइक 16 दिन खड़ी रही फुटपाथ पर, 3 थानों की पुलिस को नहीं थी जानकारी

नाकाबंदी होने के बावजूद किसी को फुटपाथ पर इतने दिन लावारिस खड़ी रही बाइक का पता ही नहीं चला।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 05:10 AM IST

लुधियाना. हिंदू नेताओं के कातिलों की तलाश में दिन-रात एक करने और पूरे शहर में रोजाना घंटों नाकाबंदी कर क्राइम कंट्रोल के दावे करने वाली लुधियाना पुलिस अपना काम कितनी लगन से करती है, ये बात अक्टूबर महीने में चोरी हुई एक बाइक की बरामदगी से सामने गई है। 29 अक्टूबर को सीएमसी हॉस्पिटल के बाहर से चोरी हुई बाइक करीब 500 मीटर दूर फुटपाथ पर 16 दिन खड़ी रही, लेकिन उसके आसपास तीन थानों (डिवीजन नंबर 2, 3, 6) की पुलिस की नाकाबंदी होने के बावजूद किसी को फुटपाथ पर इतने दिन लावारिस खड़ी रही बाइक का पता ही नहीं चला।

जानकारी के अनुसार फतेहगढ़ साहब के गांव कुंबड़ां का रहने वाला बलकार राम 29 अक्टूबर को अपनी बाइक पर सीएमसी हॉस्पिटल आया था, जहां उसका फूफा प्यारा राम भर्ती था। बाइक सीएमसी हॉस्पिटल के बाहर खड़ा कर वह अंदर चला गया। कुछ देर बाद बाहर आया तो बाइक गायब थी। काफी जगह ढूंढने के बाद भी बाइक का कुछ पता नहीं चला तो उसने थाना डिवीजन नंबर दो में शिकायत दी। जांच अफसर एएसआई धर्मपाल ने उसकी शिकायत पर 241 नंबर एफआईआर दर्ज की और कंट्रोल रूम पर इसकी सूचना दे दी।

मैंने चार नवंबर को जॉइन किया है। बाइक 29 अक्टूबर को चोरी हुई थी। 14 नवंबर को बाइक रिकवर किया है, लेकिन इसकी सूचना मुझे तीन दिन पहले मिल गई थी। शक के आधार पर तीन दिन वहां 24 घंटे ट्रैप लगाकर रखा था कि शायद कोई बाइक उठाने आए, लेकिन कोई नहीं आया। इसके बाद बाइक थाने लाई गई। -गुरविंदरसिंह, एसएचओ डिवीजन नंबर दो

सीएमसी के बाहर से 29 अक्टूबर को चोरी हुई बाइक की उसी दिन डिवीजन दो में एफआईआर दर्ज हो गई। जांच अफसर एएसआई धर्मपाल ने कंट्रोल रूम पर बाइक का नंबर नोट करवाकर अपना काम पूरा कर दिया। कंट्रोल से सभी थानों, पीसीआर बाइक, पीसीआर टवेरा मुलाजिमों को बाइक चोरी की सूचना देकर नंबर नोट करवाया गया। लेकिन किसी को बाइक का सुराग नहीं मिला। 10 नवंबर को शार्प शूटर शेरा पकड़ा गया, बाइक पर फतेहगढ़ साहिब का नंबर लगा था। शेरा का फतेहगढ़ साहिब से संबंध होने के बावजूद पुलिस ने इस मामले को सीरियस नहीं लिया। हैरानीजनक बात है कि जिस जगह बाइक खड़ी थी, उससे थोड़ी दूरी पर अलग-अलग जगह रोजाना डिवीजन नंबर 2, 3, 6 की नाकाबंदी होने के साथ पीसीआर की भी रूटीन गश्त होती है, फिर भी धूल-मिट्टी से भरे बाइक पर किसी की नजर नहीं पड़ी।