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8 साल से रोजाना 4 घंटे की प्रैक्टिस से आनंदपुर साहिब में जीती 42 किलोमीटर मैराथन

Ropar News - पंजाब व हिमाचल के विभिन्न शहरों में मैराथन व हाफ मैराथन में पहला स्थान प्राप्त करने वाले नंगल के नजदीकी गांव...

Nov 11, 2019, 07:25 AM IST
पंजाब व हिमाचल के विभिन्न शहरों में मैराथन व हाफ मैराथन में पहला स्थान प्राप्त करने वाले नंगल के नजदीकी गांव हम्बेवाल के 22 वर्षीय योगेश सैनी पुत्र कृष्ण चंद्र आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इस खेल को और बड़े स्तर पर खेलने में अपने आप को असमर्थ महसूस कर रहा है। हम्बेवाल गांव के उक्त युवक जिसने प्लंबर की आईटीआई की हुई है तथा जिसके माता-पिता प्राइवेट कार्य कर अपने दो बेटों का पालन पोषण कर रहे हैं। वहीं, उनका बेटा रोजाना स्थानीय क्रिकेट ग्राउंड में अपने खेल को लेकर पिछले 8 साल से 3 से 4 घंटे अभ्यास भी करता है। जिसे देखकर स्थानीय कई युवकों ने इस खेल को अपनाकर अभ्यास शुरू कर दिया है। मात्र 10 हजार रुपए की कुल मासिक कमाई के कारण वो अपने इस होनहार बेटे को खेल के लिए प्रोत्साहित करने की इच्छा रखते हुए भी नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण उनके बेटे की ओर से पिछले वर्षों में जीते गए सर्टिफिकेट और घर में रखी गई ट्रॉफी और दीवार पर टांगे मेडल शून्य नजर आ रहे हैं। योगेश ने बताया कि अगर उसे सरकार या किसी अन्य से आर्थिक सहायता मिलती है तो वो अपने गेम के माध्यम से व कोच की मदद से अपने देश के नाम को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्थान पर पहुंचाना चाहता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है सपना, गांव के युवा भी हो रहे प्रेरित

पिता बोले- सरकार मदद करे तो बेहतर कर सकता है योगेश

योगेश सैनी के पिता कृष्ण चंद ने बताया कि वह ढाबे पर काम करते हैं व उनके बेटे ने कई बार पुलिस भर्ती व आर्मी की भर्ती दी हैं। वहीं, हड्डियों के माहिर डॉ. जीएस कहल व रोपड़ केमिस्ट एसो. अध्यक्ष सुदर्शन चौधरी उनके बेटे की समय-समय पर बनती सहायता इन मैराथन व हाफ मैराथन के लिए करते रहे हैं। वहीं अगर प्रदेश सरकार की तरफ से उनके बेटे की मदद की जाए तो वह पूरे देश तथा विदेश में नाम रोशन कर सकता है।

बातचीत के दाैरान योगेश सैनी ने बताया कि उन्हें मैराथन का शौक उस समय लगा जब उन्होंने नंगल के ही संतोख सिंह को मैराथन भागते हुए तथा उसमें पदक जीतकर स्टेज पर खड़े देखा। इसके उपरांत उन्होंने मेहनत कर अगले वर्ष उसी मैराथन में भाग लेकर प्रथम स्थान हासिल कर स्टेज पर खड़े हुए। इसके उपरांत उन्होंने स्कूल में भी इस खेल में काफी सर्टिफिकेट व मेडल हासिल किए हैं। योगेश सैनी ने बताया कि वह मैराथन व हाफ मैराथन के साथ पोल वाल्ट (पोल के सहारे ऊंची छलांग लगाने के खेल ) में राज्य स्तर पर 2018 वर्ष में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुका है। उन्होंने बताया कि उसने अपने स्कूल के समय से अब तक 5 किलोमीटर, 21 किलोमीटर तथा 45 किलोमीटर मैराथन व हाफ मैराथन में भाग ले चुका है। वहीं स्कूलों के बाद ओपन मैराथन व हाफ मैराथन में शिमला, सोलन, श्री आनंदपुर साहिब, चंडीगढ़, अमृतसर, नालागढ़, हमीरपुर में भी अपने दम दिखा चुका है। वर्ष 2018 जून में हिमाचल प्रदेश के सोलन आयोजित हुई 21 किमी की हाफ मैराथन जिसमें उन्होंने 1 घंटे 17 मिनट 44 सेकंड में पार कर पहला स्थान प्राप्त किया था। इसके उपरांत 10 जून 2018 को चंडीगढ़ में आयोजित हुई हाफ मैराथन 21 किलोमीटर में 1 घंटे 21 मिनट में उक्त सफर को तय करके पहला स्थान प्राप्त किया

ज्यादा एंट्री फीस 200 किमी मैराथन में बनी है बाधा

16 दिसंबर 2018 को हाफ मैराथन में 1 घंटा 17 मिनट में हाफ मैराथन खत्म कर पहला स्थान हासिल किया। 7 अप्रैल 2019 को श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित हुई मैराथन जिसमें उन्होंने 42 किलोमीटर के सफर को पार करके पहला स्थान प्राप्त किया है। योगेश ने बताया कि चंडीगढ़ में 24 नवंबर 2019 को होने वाली 200 किलोमीटर लंबी एक मैराथन में जिसमें चंडीगढ़ से अमृतसर तक धावकों ने भाग लेना है और वह भी भाग तो लेना चाहते हैं लेकिन एंट्री अधिक होने के कारण वह उस में भाग नहीं ले पा रहे हैं।

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