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बंगा में गढ़शंकर चौक से बस स्टैंड तक का तंग एरिया छोड़कर एलिवेटेड पर होगा काम

रोपड़-नवांशहर-फगवाड़ा हाईवे प्रोजेक्ट के तहत बंगा में बन रहे एलिवेटेड रोड पर कंपनी जल्द ही दोबारा काम शुरू कर सकती...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:15 AM IST

रोपड़-नवांशहर-फगवाड़ा हाईवे प्रोजेक्ट के तहत बंगा में बन रहे एलिवेटेड रोड पर कंपनी जल्द ही दोबारा काम शुरू कर सकती है। कुछ दिन पहले लोगों के विरोध को देखते हुए कंपनी ने काम रोक दिया था लेकिन वीरवार को एसडीएम आदित्य उप्पल ने सभी पक्षों के लोगों के लोगों बैठक की। जिसके बाद फैसला लिया गया कि कंपनी शहर के अंदरूनी इलाके यानि गढ़शंकर चौक से लेकर बस स्टैंड तक के तंग इलाके में काम को आगे नहीं बढ़ाएगी जबकि बाकी जगह कंपनी को काम करने से कोई नहीं रोकेगा। ऐसे में हो सकता है कि एक दो दिन में कंपनी एलिवेटेड के लिए पिल्लरों के लिए खुदाई दोबारा शुरू कर सकती है।

बता दें कि प्रोजेक्ट के तहत बंगा में एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है लेकिन दुकानदारों ने संघर्ष कमेटी बनाकर इसका विरोध किया था। करीब एक महीना पहले इस हाईवे को चौड़ा करने का काम देख रही कंपनी ने सड़क की एक साइड बंद कर पिल्लरों की खुदाई शुरू कर दी थी। तब बंगा बचाओ-बाईपास बनाओ संघर्ष कमेटी के संयोजक राजेश धुप्पड़ की अगुवाई में लोगों ने काम बंद करवा दिया था। अब एसडीएम आदित्य उप्पल ने राजेश धुप्पड़, कौंसिल प्रधान रवि भूषण गोयल और कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हें स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि बंगा से गुजर रही सड़क की चौड़ाई 32 मीटर है और इस पर कंपनी काम कर सकती है। कंपनी ने भी दलील दी कि अभी उन्हें सिर्फ 32 मीटर के अंदर ही काम करना है।

एसडीएम आदित्य उप्पल ने बताया कि बंगा में एलिवेटेड रोड ही बनना है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है तो इसे बार-बार रोकने या इसमें रुकावट डालने का मतलब नहीं है। बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल वे बंगा शहर के सबसे तंग इलाके गढ़शंकर चौक से लेकर बस स्टैंड तक वाले करीब 400 मीटर के हिस्से पर काम नहीं करेंगे। ऐसे में अब बंगा एलिवेटेड रोड के लिए पिल्लरों के काम में तेजी आने की उम्मीद है। बैठक में कंपनी के संजय शर्मा, तहसीलदार शशिपाल, कुलविंदर लाड़ी भी थे।

एसडीएम आदित्य उप्पल के सामने अपनी बात रखते कंपनी और कमेटी के लोग।

लोगों का उजाड़ा न हो, उन्हें मुआवजा मिले : धुप्पड़

संघर्ष कमेटी के संयोजक राजेश धुप्पड़ ने कहा कि वे तो अभी भी चाहते हैं कि प्रशासन पहले पैमाइश करवा ले ताकि लोगों में पैनिक क्रिएट न हो। उन्होंने कहा कि पैमाइश से साफ हो जाएगा कि किस दुकानदार या मकान मालिक की कितनी जमीन इस प्रोजेक्ट में आने वाली है और वे अपने हिसाब से अपना इंतजाम कर सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दुकानदारों का जो भी नुकसान हो, उसे पूरा किया जाए।

बलाचौर में भी बिना अवार्ड काम का विरोध

लोगों ने रोष जताते हुए कहा, प्रशासन उन्हें बेघर करने पर तुला है।

बलाचौर | रोपड़-फगवाड़ा हाईवे को चौड़ा कर रही कंपनी जीआर इन्फ्रा ने बलाचौर में काम तेज कर दिया है। लेकिन अभी न तो प्रशासन ने जमीन एक्वायर के अवार्ड सुनाए हैं और न ही किसानों को मुआवजा मिला है। लोगों ने बिना अवार्ड व मुआवजे के कंपनी द्वारा काम शुरू किए जाने पर रोष जताया है।

बलाचौर बाईपास के कंगना पुल के पास कई दुकानों और घरों के मालिक सड़क चौड़ी होने को लेकर सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि वे दशकों से वहां पर रह रहे हैं और अभी तक इस बारे में अवार्ड नहीं दिया गया है और कंपनी द्वारा सड़क के दूसरी तरफ पिल्लर बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। उस तरफ का काम खत्म होने के बाद उनके घर और दुकान में पिलर बनाने के लिए मशीन लगने वाली है। मकान मालिक लक्ष्मण दास, गुरिंदर प्रताप सिंह, सुच्चा सिंह, दलजीत सिंह, मनजीत कौर, सुखविंदर लाल, परमजीत, आशा रानी, राजेश बाला और बलराम चौधरी ने कहा कि अगर प्रशासन हमें 2 महीने पहले ही उनका बनता अवार्ड सुनाते हुए मुआवजा दे देता तो वे कहीं और जमीन लेकर अपना रैन बसेरा बनाकर बैठ जाते। उन्होंने कहा कि बलाचौर प्रशासन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और उन्हें बेघर करने पर तुला हुआ है। कंपनी कभी भी उनके घर और दुकान तोड़ सकते हैं।

लोगों ने प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द उन्हें जमीन एक्वायर का मुआवजा दिया जाए ताकि वे कहीं और जमीन लेकर अपना घर बना सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन एक तो उन्हें बेघर कर रहा है, वहीं उनका काम-धंधा चौपट करने पर तुला हुआ है।

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