Hindi News »Punjab »Sangat» बरगाड़ी में लगे मोर्चे के लिए विदेश से फंडिंग खुफिया एजेंसियों के होश उड़े, लिस्टिंग शुरू

बरगाड़ी में लगे मोर्चे के लिए विदेश से फंडिंग खुफिया एजेंसियों के होश उड़े, लिस्टिंग शुरू

परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर सरबत खालसा के दौरान घोषित जत्थेदारों की ओर से बरगाड़ी में लगाए गए धरने को विदेशों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 19, 2018, 02:50 AM IST

बरगाड़ी में लगे मोर्चे के लिए विदेश से फंडिंग खुफिया एजेंसियों के होश उड़े, लिस्टिंग शुरू
परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर

सरबत खालसा के दौरान घोषित जत्थेदारों की ओर से बरगाड़ी में लगाए गए धरने को विदेशों से फंडिंग को लेकर इंटेलीजेंस एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। एजेंसियां इस बात पर खास नजर रख रही हैं कि इनको कौन कौन लोग फंडिंग कर रहे हैं। इसी बीच इंटेलीजेंस की एक लिस्ट जो भास्कर के हाथ लगी है, इसमें सबसे बड़ी रकम 3.10 लाख रुपए के बारे में इंटेलीजेंस एजेंसियां अभी तक इस बात का पता नहीं लगा पाई हैं कि यह रकम किसने भेजी है। 18 दिन के इस धरने में सबसे बड़ी रकम यही है जो धरने के लिए भेजी गई है। लिस्ट में भी इसे अमेरिका से संगत की ओर से मिली हुई राशि के तौर पर लिखा गया है।

दादूवाल ने सिख फॉर जस्टिस की ओर से हो रही फंडिंग को नकारा

सबसे बड़ी रकम अमेरिका से भेजी गई, एजेंसियों को शक यह फंडिंग सिख फॉर जस्टिस से आई

दादूवाल रेफरेंडम 2020 पर बोले-

बरगाड़ी कांड के आरोपियों की गिरफ्तारी को शुरू किया धरना

बता दें कि सरबत खालसा की ओर से नियुक्त जत्थेदार ध्यान सिंह मंड और जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने 30 जून से बरगाड़ी में 3 मांगों को लेकर धरना लगाया हुआ है। इनकी सबसे बड़ी मांग बरगाड़ी में हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोपियों को पकड़ने की है। हालांकि धरने को खत्म करने के लिए कैबिनेट मंत्री तृप्त इंद्र बाजवा बरगाड़ी में जत्थेदार से मिले भी लेकिन धरना हटाने में सफल नहीं हो पाए।

धरने से पहले ही विदेश से पैसा आना हो गया शुरू

दस्तावेज के मुताबिक जत्थेदारों को मोर्चा शुरू होने से पहले ही फंडिंग होनी शुरू हो गई थी।14 जून को लंगर के लिए 11 हजार रुपए पटियाला के रहने वाले हरबंस सिंह, 17 जून को बाबा शिंदर सिंह फतेहगढ़ सवरावां ने 21 हजार रुपए और सुखविंदर सिंह नाम के इटली के रहने वाले शख्स ने मोर्चे की समाप्ति तक लंगर के लिए गुप्त देने का ऐलान किया हुआ है। 11 जुलाई को यूएसए से 3.10 लाख रुपए जोकि 45 सौ अमेरिकी डालर के तौर पर आए। इंटेलीजेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि उनको इस बात का शक है कि यह पैसा कहीं अमेरिका में बैठे हुए खालिस्तानियों ने तो नहीं भेजा। खासकर सिक्ख फॉर जस्टिस की ओर से तो नहीं भेजे गए। लिस्ट के मुताबिक 11 जुलाई तक 7 लाख 94 हजार 500 रुपए मोर्चे को भेजे गए हैं। हालांकि पता चला है कि 11 जुलाई से लेकर 16 जुलाई तक कई लाख रुपए मोर्चे को मिल चुके हैं।

फंंडिंग करने वालों में कांग्रेसी और शिअद (मान) नेता भी

लिस्ट के अनुसार फंडिंग करने वालों में कनाडा, अमेरिका, इटली से एनआरआई के अलावा अकाली दल मान के बड़े नेता द्वारा 35 हजार रुपए और कांग्रेस के भी बड़े नेता की ओर से 21 हजार रुपए धरने के लिए दिए गए हैं।

जब-जब सिखों से होगा भेदभाव तब-तब उठेगी रेफरेंडम की मांग

भास्कर के हाथ लगी इंटेलीजेंस विंग की लिस्ट मोर्चे को 7 लाख 94 हजार की फंडिंग का ब्योरा

इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने मामले पर चुप्पी साधी

इसी दौरान डीजीपी इंटेलीजेंस दिनकर गुप्ता से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और बाद में जब एडीजीपी इंटेलीजेंस वरिंदर कुमार से बात की गई तो उन्होंने सारी बातों से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इसके बारे में तो डीजीपी साहिब ही बता सकते हैं।

ज्यादातर फंडिंग विदेश से, फंडिंग करने वालों में कांग्रेस और शिअद (मान) नेता शामिल

शिअद का आरोप- कांग्रेस के इशारे पर लगा हुआ है धरना

जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने इस बात से इंकार किया कि उनको जो बाहर से फंडिंग हो रही है उसमें सिक्ख फॉर जस्टिस का हाथ है। उन्होंने कहा कि जो फंडिंग हुई है वो अमेरिका के सैक्रामेंट गुरुद्वारे की संगत की ओर से की गई है। रेफरेंडम 2020 पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान बरगाड़ी मोर्चे पर है। लेकिन जाते जाते वह इतनी बात जरूर कह गए कि जब तक भारत में सिखों के साथ बेइंसाफी होगी, तब तक ऐसी मांग उठती रहेगी।

डाॅ. चीमा बोले-अकाली दल को बदनाम करने की साजिश

इस दौरान अकाली दल के प्रवक्ता डा.दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि इस मोर्चे के पीछे सरकार और कांग्रेस पार्टी का हाथ है। यह अकाली दल को बदनाम करने की बड़ी साजिश की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात की सारी जानकारी है कि इनको सिक्ख फॉर जस्टिस की ओर से फंडिंग की जा रही है और इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sangat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×