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शिलांग में हालात अब सामान्य, मारपीट को दिया गया था सांप्रदायिक रंग

शिलोंग में सिखों पर हुई पत्थरबाजी की घटना का जायजा लेने के लिए एसजीपीसी की ओर से तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार...

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 02:55 AM IST
शिलोंग में सिखों पर हुई पत्थरबाजी की घटना का जायजा लेने के लिए एसजीपीसी की ओर से तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में भेजा गया शिष्टमंडल रविवार शाम वहां पहुंचा। जत्थे ने जहां पीड़ित लोगों और सिख संस्थाओं से बातचीत कर जायजा लिया, वहीं शिलांग के डीएम पीएस डिखार से भी मुलाकात की। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बताया कि शिलांग का बड़ा बाजार एरिया में दो दिन पहले हुई घटना को कुछ लोगों ने सांप्रदायिक रंगत देने की कोशिश की है। प्रशासन ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। डीएम के अनुसार जो लोग इसे सांप्रदायिक रंगत दे रहे थे वे स्थानीय लोग नहीं हैं और धर पकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। जत्थेदार ने बताया कि प्रशासन ने वहा कर्फ्यू लगाया है और वहां इंटरनेट सेवाएं भी बंद की हुई हैं। हालांकि वहां पर हालात अब सामान्य हो चुके हैं। जत्था सोमवार को वहां के सीएम संगमा से भी मिलेगा।

दो दिन पहले हुई थी घटना | जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने बताया कि सिख समुदाय के लोगों ने बताया कि दो दिन पहले एक बस कंडक्टर ने बस में सवार एक सिख लड़की से बदसलूकी की थी। बस में सवार दूसरे सिख युवकों ने इसका विरोध किया तो बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस दौरान कंडक्टर मामूली जख्मी हो गया। बाद में दोनों गुटों का आपस में समझौता भी हो गया। इसके बाद चूकि कंडक्टर एक खाद समुदाय से था तो कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रंगत देते हुए बड़ा इलाके में रहने सिखों के घरों पर पत्थरबाजी कर दी, परंतु पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना पर काबू पा लिया।

एक कारण यह भी | गुरुद्वारा सिंह सभा शिलांग के महासचिव अमित सिंह ने फोन पर बताया कि भले ही यह घटना हाथापाई की थी लेकिन पत्थर बाजी के पीछे एक कारण यह भी है कि बड़ा बाजार का उक्त एरिया जिसे अब पंजाबी कॉलोनी के नाम से जाना जाता है को किसी समय स्वीपर कॉलोनी कहा जाता था। अब यह इलाका शहर का पॉश एरिया है और कुछ लोग इसे यह कहकर खाली करवाना चाहते हैं कि पंजाबी यहां माइग्रेट होकर आए हैं, जबकि यह जगह किसी समय पंजाबियों को अंग्रेजों ने दी थी। अब जब राज्य की सरकार कुछ समय पहले ही बदली है तो कुछ लोग इसे सांप्रदायिक रंगत देकर अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं और राज्य की नई सरकार को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

सोशल मीडिया की भड़काऊ पोस्टों पर ध्यान न दंे सिख संगत

शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि यहां माहौल अब शांतिपूर्ण हैं। उन्होंने सिख संगत से कहा कि वह सोशल मीडिया पर भेजी जा रही भड़काऊ पोस्टों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। शिष्टमंडल में एसजीपीसी के जूनियर उप प्रधान हरपाल सिंह जल्ला, अंतरिंग कमेटी मेंबर भगवंत सिंह सियालका, कुलवंत सिंह मंनण व अतिरिक्त सचिव बिजै सिंह शामिल हैं।

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