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ग्राहकों की शिकायत के लिए होगा नंबरः गोयल

पीयूष गोयल, वित्त मंत्री (अरुण जेटली की अनुपस्थिति में कार्यभार इनके पास है)

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 01, 2018, 02:55 AM IST

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    पीयूष गोयल, वित्त मंत्री (अरुण जेटली की अनुपस्थिति में कार्यभार इनके पास है)

    भास्कर को बताया कि 15 दिनों में तीन डिजिट का टोल फ्री नंबर शुरू हो सकता है। देश भर के लिए एक नंबर होगा।

    वित्त और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जो दुकानदार कीमतें कम होने का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दे रहे हैं, उनकी शिकायत के लिए हम जल्द ही तीन डिजिट का नंबर जारी करने जा रहे हैं। 15 दिनों में यह नंबर शुरू हो सकता है। देशभर के लिए एक नंबर होगा। जब भी कोई उपभोक्ता सामान खरीदे तो बिल जरूर मांगे। बिल मांगने से यह समस्या खत्म होगी। चीजों की दरों में 4-5 फीसदी की कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि छोटे कारोबारी हमारे लिए सबसे प्रमुख हैं। उन्हें जो भी दिक्कतंे हैं, वे सीधे मुझे पत्र लिखें। हम उनकी समस्याओं को दूर करेंगे। इस मानसून सत्र में हम छोटे कारोबारियों को राहत देने वाला बिल ला रहे हैं। इसके तहत सालाना 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले मैन्यूफैक्चरर्स या ट्रेडर्स को कंपोजीशन स्कीम के तहत सिर्फ 1 फीसदी टैक्स देना होगा। अभी यह सीमा 1 करोड़ है। उन्होंने कहा कि जब अधिक फंड होगा तो राजकोषीय घाटा कम होगा, सरकार के पास राजस्व अधिक होगा तो जीएसटी में हम रेट कट कर सकते हैं।

    रिफंड तेजी से आए तो ही कारगर: चिदम्बरम

    पी चिदम्बरम, पूर्व वित्त मंत्री

    भास्कर के मुकेश कौशिक से बातचीत में चिदम्बरम ने कहा- टैक्स दरों को 18% तक सीमित करना चाहिए। 3 महीने में 1 ही रिटर्न अनिवार्य हो।

    पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम का कहना है कि एनडीए सरकार ने बिना तैयारी किए देश पर जीएसटी थोप दिया। इसी का नतीजा है कि लाखों छोटी इकाइयां बंद हो गईं और आम आदमी पर टैक्स का बोझ बढ़ गया। उन्होंने कहा कि कई प्रकार की दरें होना इसकी सबसे बड़ी खामी है। दरों में घट-बढ़ भी मनमाने ढंग से की गईं। एक मंत्री ने असेम्बली में बयान दिया कि अकेले तमिलनाडु में 2017-18 में 50 हजार यूनिट बंद हो गईं। लाेगों पर से टैक्स का बोझ कम नहीं हुआ है। जीएसटी नेटवर्क की जांच परख नहीं की गई। जीएसटीआर-फॉर्म 2 और जीएसटीआर-फॉर्म 3 को अभी तक नोटिफाई नहीं किया गया है। मेरा मानना है कि इसकी अनेक खामियों को दूर किया जा सकता है और टैक्स दरों को तर्क संगत बनाकर उनकी सीमा 18 प्रतिशत तक सीमित हो सकती है। मैं लगातार मांग करता रहा हूं कि यह 18 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। यह कदम बहुत कारगर साबित होगा। इस प्रकार की सिंगल टैक्स व्यवस्था पर कैप होना ही चाहिए। तुरंत जीएसटीआर फार्म 2 और फार्म 3 को अधिसूचित करना होगा।

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