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स्पीकर की आवाज गुरुद्वारा परिसर तक ही सीमित रखने के आदेश

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सभी गुरुद्वारा कमेटियों को हिदायत की है कि स्पीकर की आवाज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 03:00 AM IST

स्पीकर की आवाज गुरुद्वारा परिसर तक ही सीमित रखने के आदेश
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सभी गुरुद्वारा कमेटियों को हिदायत की है कि स्पीकर की आवाज परिसर के अंदर ही रहनी चाहिए। अरदास के समय स्पीकर बिल्कुल बंद रहना चाहिए। आवाज ज्यादा होने से लोगों को होती परेशानी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

श्री अकाल तख्त साहिब के सेक्रेटेरियट में वीरवार को पांच सिंह साहिबान की मीटिंग के बाद जत्थेदार ने मीडिया को बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की हो रही घटनाएं चिंता का विषय है। ज्यादा घटनाएं ग्रंथी सिंह अथवा प्रबंधक कमेटी की लापरवाही के कारण होती हैं। पहले भी कई बार आदेश दिए जा चुके हैं कि गुरुघर में किसी जिम्मेदार का होना जरूरी है। इसके बावजूद बेअदबी की घटनाएं लगातार जारी हैं। ऐसे मामलों में ग्रंथी सिंह अथवा कमेटी की अच्छी तरह जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेअदबी की घटना होने पर उस गुरुद्वारा साहिब में पुन: श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वरूप नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने बेअदबी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए गुरुद्वारों में सीसीटीवी के साथ-साथ पहरेदार तैनात करने को कहा है।

एसजीपीसी मेंबर गुरुद्वारों की जांच करेंगे : जत्थेदार ने ये आदेश भी दिया है कि एसजीपीसी के हलका मेंबर और प्रचारक अपने इलाके में स्थित गुरुद्वारों में जाकर जांच करेंगे। उनकी प्रबंधों में पाई जाने वाली खामियां प्रबंधक कमेटियों के सहयोग से ठीक करवाने की जिम्मेदारी हाेगी। इसी के साथ ही हर गुरुद्वारा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की संख्या की जानकारी भी मेंबर व प्रचारक को होनी चाहिए। जहां प्रबंध ठीक नहीं होंगे वहां से स्वरूप दूसरे गुरुद्वारों में भेजे जाएंगे। जत्थेदार ने पुलिस की ओर से बेअदबी की घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को गिरफ्तार किए जाने पर कहा कि पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कह सकते हैं।

ज्ञानी गुरबचन िसंह फैसलों की जानकारी देते हुए।

नेकी को पंथ से निकाला, नारायण दास के खिलाफ होगी कार्रवाई

पांच सिंह साहिबान ने गुरबाणी व सिख इतिहास को तोड़-मरोड़ कर बोलने के दोष में न्यूजीलैंड के रेडियो संचालक हरनेक सिंह नेकी को सिख पंथ से निष्कासित करने का फैसला किया। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिख संगत को नेकी के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक, सामाजिक व धार्मिक संबंध न रखने का आदेश दिया। उन्होंने नेकी के रेडियो विरसा को बंद कराने लिए कानूनी कार्रवाई करवाने के लिए भी कहा। नेकी को अपना पक्ष पेश करने के लिए तीन बार बुलाया गया था। श्री गुरु अर्जन देव जी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति गलत शब्दावली का प्रयोग करने वाले नारायण दास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की जिम्मेदारी एसजीपीसी की लगाई गई। माफीनामे पर कहा कि नारायण दास की गलती माफी योग्य नहीं है। उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जा सकता।

चड्‌ढा को सिरोपा देने पर कहा, शिकायत पर कार्रवाई होगी

श्री अकाल तख्त की आेर से तनखाहिया करार दिए चीफ खालसा दीवान के पूर्व प्रधान चरनजीत सिंह चड्ढा को एसजीपीसी मुलाजिमों की ओर से सिरोपा देने संबंधी उन्होंने कहा कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली। जैसे ही शिकायत आएगी उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्रंथियों की आर्थिक हालत सुधारेंगे

जत्थेदार ने सभी गुरुद्वारा कमेटियों को आदेश दिया है कि ग्रंथी सिंह गुरु के वजीर हैं और उनके लिए बढ़िया रिहायश का प्रबंध किया जाए। योग्य मेहनताना दिया जाए। आर्थिक हालत सुधरने से वह ड्यूटी अच्छे से निभा पाएंगे। जब जत्थेदार को एसजीपीसी की ओर से ग्रंथियों की मांगें न माने जाने के कारण उनके हड़ताल किए जाने की ओर ध्यान दिलाया गया ताे उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसजीपीसी को जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए।

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