Home | Punjab | Sangat | कम स्टाफ और बिल्डिंग न होने से आदर्श स्कूल पथराला को बंद करने का आदेश

कम स्टाफ और बिल्डिंग न होने से आदर्श स्कूल पथराला को बंद करने का आदेश

बठिंडा जिले के गांव पथराला में अकाली-भाजपा सरकार की तरफ से सन 2011 -12 में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीबीएसई...

Bhaskar News Network| Last Modified - Jul 10, 2018, 03:30 AM IST

कम स्टाफ और बिल्डिंग न होने से आदर्श स्कूल पथराला को बंद करने का आदेश
कम स्टाफ और बिल्डिंग न होने से आदर्श स्कूल पथराला को बंद करने का आदेश
बठिंडा जिले के गांव पथराला में अकाली-भाजपा सरकार की तरफ से सन 2011 -12 में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीबीएसई पैटर्न पर आधारित मानक और मुफ्त शिक्षा देने के लिए पब्लिक प्राइवेट साझेदारी के अधीन आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोला था। जिसको अब पंजाब सरकार की तरफ से बंद करने के आदेश आ गए हैं और आदर्श स्कूल के विद्यार्थियों को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सरकारी प्राइमरी स्कूल में मर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार की तरफ से आए आदेश के कारण दलित धर्मशाला में चलते आदर्श स्कूल के विद्यार्थियों को तीन दिन की छुट्‌टी कर दी गई है।

जिस समय उक्त स्कूल अस्तित्व में आया था उस समय स्कूल अकलिया ग्रुप के अधीन था। उसके बाद एसडीएम बठिंडा के अधीन रहा और पिछले 2 सालों से इस स्कूल का प्रबंधन शहीद उधम सिंह एजूकेशन और वेलफेयर सोसायटी के अधीन है। शहीद उधम सिंह एजूकेशन सोसायटी की तरफ से अपनी अलग बिल्डिंग में आदर्श स्कूल खोल लिया है।

स्टूडेंट्स को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मर्ज करने का आदेश

शहीद उधम सिंह सीनियर सेकेंडरी आदर्श स्कूल पथराला, जिसे बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

बिल्डिंग प्रोजेक्ट था Rs.6.5 करोड़ का, सरकार अपने हिस्से का 25% नहीं दे पाई, रुका काम

गांव पथराला के सरपंच जगतार सिंह का कहना है कि पंचायत की तरफ से स्कूल की बिल्डिंग बनाने के लिए जमीन भी दे दी गई थी और उस समय बिल्डिंग बनाने के लिए टेंडर भी मांगे गए थे। उन्होंने कहा कि इस स्कूल की बिल्डिंग का 6 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रोजेक्ट था और पंजाब सरकार की तरफ से उक्त रकम की 25 प्रतिशत राशि दी जानी थी। परन्तु सरकार की ढुल्ल मुल्ल वाली नीति के कारण स्कूल की बिल्डिंग नहीं बन सकी। बिल्डिंग न बनने के कारण स्कूल को सीबीएसई बोर्ड की तरफ से मान्यता नहीं मिली। इस मौके पर समूह इलाका निवासियों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि उक्त स्कूल को चलता रखा जाए और स्कूल की बिल्डिंग बनाई जाए जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी मानक शिक्षा प्राप्त कर सकें। शहीद उधम सिंह एजूकेशन और वेलफेयर सोसायटी के डायरेक्टर महिंद्र कौर ने स्कूल बंद करने के पत्र की पुष्टि करते हुए कहा है कि सोसायटी की तरफ से स्कूल को सफलता से चलाने के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। स्कूल बंद करने के साथ बच्चों की पढ़ाई खराब होगी।

पथराला के सरपंच जगतार सिंह ने कहा...

मुफ्त में दी जाती थी शिक्षा

गांव पथराला में एक आदर्श स्कूल अलग-अलग 2 बिल्डिगों में चल रहा है। कैप्टन सरकार की तरफ से दोनों स्कूलों को बंद करने के आए आदेश के साथ स्कूल में सीबीएसई पैटर्न आधारित मुफ्त और मानक शिक्षा प्राप्त कर रहे लगभग 500 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रश्न चिह्न लग गया है। स्कूल में गांव पथराला के अलावा पक्का कलां, सेखू, फल्हड़, चक्क रुलदू सिंह वाला, पीटी, डूंमवाली, सिंघेवाला, बांडी समेत आस -पास के करीब एक दर्जन गांवों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

पैरेंट्स बोले... बच्चों की पढ़ाई होगी खराब

स्कूल बंद करने के आदेश से पैरेंट्स चिंतित हैं। पथराला के नौजवान नेता तरसेम सिंह, बलदेव सिंह, जसवीर सिंह और रजिंदर ने कहा कि सरकार ने स्कूल में पढ़ते विद्यार्थियों को गांव के सरकारी सीनियर स्कूल में दाखिल करने के आदेश दिए हैं और सरकार ने उक्त सरकारी स्कूल को स्मार्ट स्कूल का दर्जा दे दिया है परन्तु इसमें पढ़ाई पंजाब स्कूल बोर्ड वाली ही होगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा।

prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now