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कन्या भ्रूणहत्या, नशा, पतितपुना से दूर रहे सिख संगत : जत्थेदार गुरबचन सिंह

घल्लुघारा दिवस पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कौम के नाम संदेश दिया।...

Dainik Bhaskar

Jun 07, 2018, 03:55 AM IST
कन्या भ्रूणहत्या, नशा, पतितपुना से दूर रहे सिख संगत : जत्थेदार गुरबचन सिंह
घल्लुघारा दिवस पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कौम के नाम संदेश दिया। उन्होंने समूह संगत को कहा कि वह अमृतपान करके गुरु वाले बनें। कन्या भ्रूणहत्या, नशा, पतितपुना जैसी बुराइयों से दूर रहें। उन्होंने केंद्र सरकार से ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार के दौरान जब्त की गई संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की पिस्तौल तथा तीर वापस देने की मांग उठाई।

सेना द्वारा उठाए गए दस्तावेज सार्वजनिक करने, किताबें, खजाना तथा पावन स्वरूप लौटाने की बात कही। सिंह साहिब ने कहा कि वह स्पष्ट करते हैं कि सिख अलग कौम है और उसकी चढ़दी कला वाली सोच को दबाने के लिए हमेशा ही पंथ विरोधी ताकतें सरगर्म रही हैं। इसका उदाहरण शिलांग समेत अन्य जगहों पर सिखों पर हमले हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर उन्होंने सूबा सरकार से कहा कि वह बेअदबी के दोषियों के खिलाफ बनती कार्रवाई करे। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने समागम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तारीफ की।

सिमरनजीत सिंह मान के संबोधन के दौरान गोलक वाली जगह पर गर्मख्याली जुट गए। कुछ लोगों ने खालिस्तानी झंडा तख्त श्री पर फहराने की कोशिश की। धक्कामुक्की शुरू हुई तो टास्क फोर्स ने माहौल खराब कर रहे चार लोगों को पकड़ लिया।

इस बार शांत रहे मान, कहा-हमें आतंकी नहीं सिख कहें

शिअद (अमृतसर) के लोगों ने भले ही शोर-शराबा किया लेकिन दल के मुखी सिमरनजीत सिंह मान शांत रहे। अकाल तख्त पर वह काफी समय तक जत्थेदार का संदेश सुनते रहे और नीचे आने के बाद उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने इस दौरान सिमरनजीत सिंह द्वारा शांति बनाए रखने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, हमें आतंकी नहीं सिख कहें।

सरबत खालसा के जत्थेदार और अकाली रहे नदारद

हर साल सरबत खालसा के जत्थेदार समागम में कौम के नाम संदेश देने पहुंचते थे लेकिन इस बार उनमें से भी कोई नजर नहीं आया। भाई ध्यान सिंह मंड ने बरगाड़ी में धरनास्थल से ही पंथ के नाम संदेश दिया। उन्होंने अकाली-भाजपा और कांग्रेस को एक ही पार्टी बताया। यहां बाबा बलजीत सिंह दादूवाल भी मौजूद थे। उधर अमरीक सिंह अजनाला अजनाला में समागम में व्यस्त रहे। यही नहीं इस बार शिअद का कोई भी बड़ा नेता समागम में दिखाई नहीं दिया।

कन्या भ्रूणहत्या, नशा, पतितपुना से दूर रहे सिख संगत : जत्थेदार गुरबचन सिंह
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