• Hindi News
  • Punjab
  • Sangrur
  • Sangrur News accused of injuring a laborer on upper caste people clashed in two sides during the quote land quote reserved for quota

रिजर्व कोटे की जमीन की बोली के समय दो पक्षों में भिड़ंत ऊंची जाति के व्यक्तियों पर मजदूर को घायल करने का आरोप

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:50 AM IST

Sangrur News - जिले के गांव साहोके में पंचायती रिजर्व कोटे की जमीन की बोली के दौरान हुई झड़प में एक दलित मजदूर घायल हो गया, जिसे...

Sangrur News - accused of injuring a laborer on upper caste people clashed in two sides during the quote land quote reserved for quota
जिले के गांव साहोके में पंचायती रिजर्व कोटे की जमीन की बोली के दौरान हुई झड़प में एक दलित मजदूर घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घायल मजदूर ने आरोप लगाया है कि बोली के दौरान कुछ उच्च जाति के लोगों द्वारा ईंट पत्थरों से उस पर हमला किया गया। वहीं थाना लौंगोवाल की पुलिस का कहना है कि घायल के बयान दर्ज करने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन मजदूर मनप्रीत सिंह ने बताया कि गांव की बोरियां की धर्मशाला में रिजर्व कोटे की जमीन की बोली रखी गई थी। वह गांव के अन्य दलित मजदूरों के साथ बोली देने के लिए धर्मशाला में गया था, परंतु वहां पर चार-पांच उच्च जाति के व्यक्तियों ने कथित धक्के देकर दलित मजदूरों को धर्मशाला से बाहर निकाल दिया। दलित मजदूरों ने इसका विरोध किया तो उन पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। इस कारण उसके सिर में पत्थर लगने के कारण वह गंभीर घायल हो गया। अस्पताल में मौजूद गांव के दलित वर्ग के व्यक्ति परमजीत सिंह, जरनैल सिंह, साहिब सिंह, गुलजार सिंह व मेजर सिंह ने बताया कि गांव के रिजर्व कोटे की जमीन की बोली एससी धर्मशाला में नहीं करवाई गई व जानबूझकर बोली अन्य धर्मशाला में करवाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दलित परिवार संयुक्त खेती के लिए जमीन की बोली देने धर्मशाला में गए तो उच्च जाति से संबंधित चार-पांच व्यक्तियों ने धर्मशाला में से उन्हें बाहर निकाल दिया। विरोध करने पर ईंट पत्थरों से हमला कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में गांव के सरपंच सुलखन सिंह का कहना है कि बीडीपीओ व पुलिस की मौजूदगी में शांतमयी ढंग से बोली हुई है व गांव के दलित व्यक्तियों ने ही बोली दी है। धर्मशाला के बाहर कोई घटना हुई है, जिस संबंधी उन्हें कुछ पता नहीं है। इधर, मामले की जांच कर रहे थाना लौंगोवाल के सहायक थानेदार हरचेतन सिंह का कहना है कि बोली के बाद यह घटना हुई है। वह सिविल अस्पताल में घायल मनप्रीत सिंह के बयान लेने गए थे, परंतु डॉक्टरों ने उसे अनफिट करार दिया है।

संगरूर के सिविस अस्पताल में उपचाराधीन मनप्रीत सिंह।

इधर, दलित वर्ग के लोगों ने विरोध में एडीसी दफ्तर के सामने लगाया धरना

संगरूर|क्रांतिकारी पेंडू मजदूर यूनियन की अगुआई में दलित वर्ग के लोगों द्वारा एडीसी(विकास) के दफ्तर के समक्ष रोष धरना दिया गया। इस दौरान गांवों में पंचायती रिजर्व कोटे की डमी बोली करवाने का आरोप लगा नारेबाजी भी की गई। धरने को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान संजीव मिंटू ने आरोप लगाया कि गांव में रिजर्व कोटे की बोली के दौरान दलितों के साथ सरेआम कथित धक्केशाही की जा रही है। डमी बोलियां करवा दलितों को उनके हकों से वंचित किया जा रहा है। यदि डमी बोलियों का विरोध किया जाता है तो पुलिस केस दर्ज करवाए जाते हैं व दलितों पर हमले किए जाते हैं। धूरी ब्लाॅक के गांव मीमसा में डमी बोली का विरोध करने पर यूनियन के नेताओं के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाना व गांव सहोके में डमी बोली का विरोध करने वाले दलितों पर हमला करना इस बात का सबूत है। इस मौके पर सचिव लखवीर लौंगोवाल, बलजीत सिंह, बूटा सिंह, अवतार सिंह, कृष्ण सिंह, शिंदा सिंह, वीरपाल कौर आदि उपस्थित थे। धरने के बाद यूनियन के वफद की एडीसी(विकास) सुभाष चन्द्र के साथ बैठक हुई। बैठक की जानकारी देते यूनियन के जिला प्रधान धर्मपाल सिंह ने बताया कि एडीसी द्वारा भरोसा दिलाया गया है कि दलितों के साथ कथित धक्का नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डमी बोलियों के संबंध में 14 जून को डीडीपीओ के साथ बैठक करवाई जाएगी।

एडीसी (डी) के दफ्तर के सामने धरना देते हुए दलित वर्ग के लोग।

Sangrur News - accused of injuring a laborer on upper caste people clashed in two sides during the quote land quote reserved for quota
X
Sangrur News - accused of injuring a laborer on upper caste people clashed in two sides during the quote land quote reserved for quota
Sangrur News - accused of injuring a laborer on upper caste people clashed in two sides during the quote land quote reserved for quota
COMMENT