पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मांगों को लेकर भाकियू ने केंद्र के खिलाफ िकया प्रदर्शन

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भाकियू एकता सिद्धूपुर की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं और मांगाें सबंधी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। गुरलाल सिंह जलूर ने कहा कि केंद्र सरकार का एमएसपी
तोड़ना किसान के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले पंजाब में एग्रो खरीद एजेंसी की खरीद करने से बंद कर दिया और एफसीआई की खरीद भी आधी कर दी। जिस कारण पीड़ित किसान खुदकुशियां कर रहा है। इस मौके पर भूरा सिंह, बलविंदर सिंह, निर्भय सिंह, शिवजंट सिंह, राम सिंह, नेहरू सिंह मौजूद रहे।

किसानों ने एसडीएम से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा मांगा

किसानों ने डॉ. स्वामीनाथन कमिशन की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है। उन्होंने एसडीएम लहरा से मांग की है कि गत दिनों क्षेत्र में हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसल के हुए नुकसान का तुरंत मुआवजा दिया जाए। ताकि किसान खुदकुशी करने से बच सकें।

मालेरकोटला | ट्रेड यूनियन कौंसिल मालेरकोटला (एटक) और पंजाब खेत मजदूर सभा की ओर से रणजीत सिंह बिंजोकी और कामरेड प्रीतम सिंह की प्रधानगी में खुराक व सिविल सप्लाई विभाग के समक्ष धरना दिया गया। धरनाकारियों की ओर से विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस मौके कामरेड भरपूर सिंह, सुरिंदर कुमार भैणी कला ने कहा कि मालेरकोटला और अमहदगढ़ दोनों तहसीलों के 200 गांवों में सैकड़ों गरीब परिवारों के नाम गेहूं देने वाली स्कीम से काट दिए जाने के कारण उन्हें पिछले 6 माह से गेहूं नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार नेे तीन वर्षों में कोई वादा पूरा नहीं किया है। इस मौके पर सरबजीत कौर, लखविंदर कौर, जसवंत सिंह, गुरमीत सिंह उपस्थित थे।

गेहूं वाले कार्ड काटने के विरोध में

ट्रेड यूनियन व मजदूरों ने दिया धरना

लहरागागा में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।
खबरें और भी हैं...