चातुर्मास चरित्र धर्म की आराधना का सीजन : बसंत प्रभा

Sangrur News - अणुव्रत अनुशास्ता महातपस्वी आचार्य महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन साध्वी बसंत प्रभा जी का मंगल प्रवेश तेरापंथ भवन...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:35 AM IST
Sangrur News - chaturmas charitra worship of the season of season spring prabha
अणुव्रत अनुशास्ता महातपस्वी आचार्य महाश्रमण जी की सुशिष्या शासन साध्वी बसंत प्रभा जी का मंगल प्रवेश तेरापंथ भवन में शोभा-यात्रा के दौरान हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी बसंत प्रभा के मंगल मंत्रोच्चारण से हुआ। महिला मंडल की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए। तेरापंथ सभा के प्रधान अरिहंत जैन, विजय गुप्ता ने साध्वी बसंत प्रभा जी का स्वागत किया। बसंत प्रभा जी ने कहा कि शनिवार को हम गुरु महाश्रमण जी के निर्देशानुसार चातुर्मास के लिए पहुंच गए हैं। चातुर्मास चरित्र धर्म की आराधना का सीजन है। सीजन का रीजन है कि व्यक्ति चातुर्मास काल में धर्म रूपी बाड़ लगाकर जीवन रूपी कल्पवृक्ष की सुरक्षा करे। सावन में तप, जप, ध्यान, मौन की साबुन से मन को निर्मल बनाएं। तप से ज्योति, भोग से योग, प्रदर्शन से दर्शन की ओर धर्मयात्रा प्रारंभ करें। जीवन की बुराइयों को, निषेधात्मक सोच को, प्रमाद व आश्रव को छोड़ें। अध्यात्म का अभ्युदय हो यही चातुर्मास का संदेश है।

चातुर्मास की प्रेरणा है-जलो तो प्रकाश ही प्रकाश है, खिलो तो सुवास जी सुवास है, धर्मलाभ लो तो विकास ही विकास है क्योंकि चातुर्मास का मधुमास है। उन्होंने कहा कि चातुर्मास में सभी श्रावकों को को ज्यादा से ज्यादा धर्मलाभ लेना है। संगरूर वासी सौभाग्यशाली हैं जिन्हें हर वर्ष चातुर्मास मिलता है। गुरु कृपा से जो प्रसाद मिला है उसे सफल बनाना है। सही समय पर आकर प्रवचन श्रवण कर अन्तर चेतना को जगाना है। इस मौके अशोक जैन ने आचार्य महाश्रमण जी के संवाद सुनाएं व साध्वी प्रमुखा श्री जी का चातुर्मास प्रवेश का संदेश सुनाया। उन्होंने भाई-बहनों को ज्यादा से ज्यादा धर्म आराधना करने के लिए प्रेरित किया। साध्वी कल्पमाला, साध्वी रोहितयशा ने सुमधुर प्रेरणादायी संगीत पेश किया।

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