पांच घंटे मोगा-चंडीगढ़ रोड रहा जाम, हरे व पीले रंग की चुनरियों से भर गया पंडाल

Sangrur News - भारतीय किसान यूनियन के नेता मनजीत सिंह धनेर की रिहाई के लिए बरनाला सब जेल के आगे शुरू किया गया धरना 42वें दिन भी जारी...

Nov 11, 2019, 07:31 AM IST
भारतीय किसान यूनियन के नेता मनजीत सिंह धनेर की रिहाई के लिए बरनाला सब जेल के आगे शुरू किया गया धरना 42वें दिन भी जारी रहा। आज धरने में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, बच्चे, सरकारी कर्मचारी आदि शामिल हुए। धरनाकारियों की इकट्ठ इतना बड़ा था कि मोगा-चंडीगढ़ रोड करीब 5 घंटे जाम रहा। धरने में शामिल लोगों ने मनजीत धनेर को रिहा करने के लिए सरकार को 7 दिन का समय दिया है अौर 7 दिन के बाद तीखे संघर्ष की चेतावनी दी है।

धनेर की सजा रद करवाने के लिए 30 सितंबर से लगातार जेल अागे धरना चल रहा है। 22 अक्टूबर को पंजाब सरकार के नुमएंदों के साथ एक्शन कमेटी की बैठक हुई थी। जिसमें सरकार ने 15 दिन का समय मांगा था अौर 15 दिन में धनेर मामले में ठोस कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। 15 दिन बीत जाने के बाद पंजाब भर से लोग धरने में शामिल हुए।

गत रात किसान नेता मनजीत सिंह धनेर के बड़े भाई जगजीत सिंह धनेर की हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद एक्शन कमेटी ने जिला प्रशासन को उनके अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए मनजीत सिंह धनेर को कुछ समय के लिए उनके गांव जाने देने की अपील की थी। जिसको स्वीकार करते हुए जिला प्रशासन ने पुलिस की सुरक्षा में मनजीत धनेर को उनके बड़े भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की आज्ञा दी है।

बड़े भाई का हार्टअटैक से हुआ देहांत, पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार में पहुंचे धनेर

धनेरी की रिहाई के लिए 17 नवंबर तक का दिया समय, इसके बाद होगा बड़ा संघर्ष

एक्शन कमेटी के कन्वीनर बूटा सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने एक्शन कमेटी को आश्वासन दिया है कि 7 नवंबर को मनजीत धनेर की रिहाई की फाइल पंजाब के राज्यपाल के पास भेज दी गई है, जिसके चलते पंजाब सरकार को 17 नवंबर तक का समय दिया गया है। अगर पंजाब सरकार 17 नवंबर तक मनजीत धनेर की रिहाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो 17 नवंबर को कड़े संघर्ष का एलान किया जाएगा। वहीं उन्होंने पंजाब सरकार को अपील करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर मनजीत धनेर को रिहा किया जाए।

महिलाओं ने लगाए धनेर की रिहाई के नारे

धरने में सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। जिसमें बुजुर्ग, विद्यार्थी व नौजवान महिलाएं शामिल थीं। सभी महिलाओं के सिरों पर किसान यूनियन के हरे रंग व पीले रंग की चुनरियां ली हुई थी। जिसके साथ सारा पंडाल ही रहे व पीले रंग में रंगा गया। महिलाअों ने ऊंची अावाज में धनेर को रिहा करने के नारे लगाए।

बड़े भाई के अंतिम संस्कार में पहुंचे धनरे।

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