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गुरुद्वारा नानकियाना साहिब में पहली उदासी के समय गुरु नानक देव जी 15 दिन रुके थे, अखंड पाठ हुए शुरू

Sangrur News - गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व देश भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। गुरु नानक देव जी की चरण छोह प्राप्त...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 08:40 AM IST
Sangrur News - guru nanak dev ji stayed for 15 days at the time of first sadness in gurudwara nankiana sahib unbroken lessons started
गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व देश भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। गुरु नानक देव जी की चरण छोह प्राप्त गुरुद्वारा नानकियाना साहिब में रविवार को अखंड पाठ साहिब आरंभ हो गए हैं। जिनके भोग गुरु पर्व वाले दिन मंगलवार को डाले जाएंगे। गुरुद्वारा साहिब को लाइटों से सुंदर तरीके से सजाया गया है। मंगलवार को जिले भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु गुरुद्वारा साहिब में शीश निवाएंगे। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय गुरुद्वारा सिंह सभा साहिब में गुरुपर्व को समर्पित नगर कीर्तन निकाला गया।

गुरुद्वारा नानकियाना साहिब के इतिहास पर अगर गौर किया जाए तो गुरु नानक देव जी व 6वें गुरु हरगोबिंद साहिब जी की याद के साथ जुड़ा हुआ है। गुरुद्वारा साहिब में दर्ज इतिहास के अनुसार पूर्व देश की ओर जाते समय गुरु नानक देव जी पहली उदासी के दौरान 1497 में 15 दिनों के लिए यहां पर रुके थे। उस समय यहां पर एक छोटा सा गांव था। क्षेत्र के लोगों ने गुरु के दर्शन कर अमृतवाणी सुनकर अपना जीवन सफल किया था। इस स्थान पर गुरु जी का कलयुग के साथ साक्षात्कार भी हुआ था। उन्होंने कलयुग को पवित्र बाणी व उपदेश से सही मार्ग दिखाया था।

गुरु हरगोबिंद सिंह जी ने भी डाले थे चरण | इस स्थान पर 1616 में छठे गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने भी अपने चरण डाले थे। उन्होंने गुरु नानक देव जी के बैठने वाले स्थान मंजी साहिब को बतौर यादगार कायम किया व लोगों को धर्म का उपदेश देकर इस स्थान की पवित्रता को उजागर किया। यहां उन्होंने एक करीर के वृक्ष के साथ अपना घोड़ा बांधा था। गुरुद्वारा साहिब के निर्माण के दौरान अंजान लोगों ने इस वृक्ष को काट दिया था, लेकिन कुछ समय बाद करिश्माई ढंग से करीर का वृक्ष दीवारों को तोड़ता हुआ दोबारा प्रगट हो गया था। वह करीर साहिब आज भी मौजूद है। गुरुद्वारा श्री नानकियाना साहिब का निर्माण हुए करीब 100 वर्ष से भी अधिक का समय हो चुका है। इस स्थान की सेवा जींद रियासत के महाराजा रघुबीर सिंह ने श्रद्धापूर्वक करवाई थी। मंजी साहिब का नक्क्षा दशम गुरु गोबिंद सिंह जी के अस्त्र पर अंकित नक्क्षे के अनुसार ही बनाया गया है। जिस प्रकार गुरज पर सात सुराख हैं उसी प्रकार मंजी साहिब के भी सात पहलू हैं।

गुरु जी की चरण छोह प्राप्त 14 गांवों में चल रहे विकास कार्य

गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को मुख्य रखते हुुए पंजाब सरकार उन गांवों का सर्वपक्षीय विकास करवा रही है। जिन गांवों को गुरु नानक देव जी की चरण छोह प्राप्त है। जिला संगरूर के 14 गांवों को गुरु नानक देव जी का आशीर्वाद प्राप्त है। जिनमें गांव मंगवाल, अकोई साहिब, गेहलां, कमालपुर, कांझला, बहादुरपुर, खेडी जट्टा, ढढोगल, भदलवड, भलवान, खुराना व घनौड जट्टा शामिल हैं। इन गांवों में करोड़ों की लागत से गुरुद्वारा साहिब को जाने वाली सड़कों में सुधार के अतिरिक्त सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज की सुविधा आदि का निर्माण किया जा रहा है।

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