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ज्ञान गंगा स्कूल के स्विमिंग कोच ने बच्चे को वाइपर से पीटा मां बोली- राजनीतिक रंजिश हमसे, निकाल बच्चे पर रहे

2 वर्ष पहले
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मानित की माता सीमा रानी 2018 में भाजपा से नगर पालिका का चुनाव लड़ी थी। सीमा वार्ड 13 से पार्षद चुनीं गई। वह नगर पालिका की मौजूदा चेयरपर्सन भी है। स्कूल संचालक की पुत्रवधु भी पार्षद चुनीं गई है। वह उनके राजनीतिक विरोधी हैं। पुत्रवधु कीर्ति गोयल चेयरपर्सन बनना चाहती थी परंतु सीमा रानी के चेयरपर्सन बनने से संचालक उनके बेटे से स्कूल में रंजिश रखने लगे हैं। जिस कारण बच्चे को स्कूल में टार्चर किया जाने लगा। बच्चा 7 वर्ष से स्कूल में पढ़ता था जिस कारण बच्चे को स्कूल से हटाया नहीं गया। उन्होंने बताया कि पुत्रवधु की ओर से सीमा को चेयरपर्सन पद से हटाने के लिए कोर्ट में केस भी किया गया है। पीड़ित बच्चे के पिता की ओर से मांग की गई है कि स्कूल प्रबंधकों समेत बच्चे की लोहे से पिटाई करने वाले टीचर के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

बच्चे की मां सीमा रानी नगर पालिका की चेयरपर्सन, स्कूल संचालक की पुत्रवधू भी पार्षद है

दादा का आरोप - स्कूल प्रबंधकों ने थाने में की हाथापाई

भास्कर न्यूज | संगरूर

मूनक के पास गांव बलरां स्कूल की चौथी कक्षा के छात्र की कमर पर नील के निशान होने के कारण बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। बच्चे के परिजनों का आरोप है कि स्कूल के स्वीमिंग कोच ने बच्चे को वाइपर की लोहे वाली राड से पीटा है। बच्चे की मां भाजपा से जाखल नगर पालिका की चेयरपर्सन है जबकि स्कूल प्रबंधक उनके राजनीतिक विरोधी है। ऐसे में पीड़ित बच्चे के पिता का आरोप है कि स्कूल प्रबंधकों की राजनीतिक रंजिश के चलते बच्चे को पीटा गया है। उधर स्कूल प्रबंधकों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पीड़ित बच्चे मानित के पिता मुकेश कुमार निवासी जाखल ने बताया कि उसका बेटा ज्ञान गंगा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल बलरां की चौथी कक्षा का छात्र है। सोमवार को बच्चा स्कूल के स्वीमिंग पुल में तैराकी सीख रहा था। इस दौरान स्वीमिंग कोच ने बच्चों को पुल से बाहर निकलने का आदेश दे दिया। सभी बच्चे पुल से बाहर निकल रहे थे। जब मानित पुल से बाहर निकला तो कोच ने मानित को वाइपर वाले लोहे की पाइप से पीटना शुरू कर दिया। ऐसे में उसकी पीठ पर नील के निशान पड़ गए। जिसके बाद बच्चे को कमरे में ले जाकर धमकी दी गई कि यदि घर पर शिकायत की तो उसे दोबारा से पीटा जाएगा। ऐसे में बच्चा काफी घबरा गया था। बच्चे ने घर पर कुछ नहीं बताया। मंगलवार को बच्चे की पीठ पर दर्द हुआ तो मां के पूछने पर बच्चे ने सब कुछ बता दिया। जिसके बाद बच्चे को जाखल अस्पताल ले जाया गया परंतु घटना पंजाब के स्कूल की होने के कारण बच्चे को मूनक अस्पताल भेज दिया गया। घटना की सूचना मूनक पुलिस को दी गई। मूनक पुलिस ने उन्हें थाने बुला लिया। जहां पर स्कूल प्रबंधकों ने बच्चे के दादा के साथ थाने में ही हाथापाई तक की, बावजूद इसके पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इंसाफ नहीं मिलता देख वह बच्चे को लेकर घर चले गए। लेकिन बच्चे का उपचार करवाना था तो बुधवार की सुबह बच्चे को संगरूर अस्पताल दाखिल करवाया।

मूनक थाने के एसएचओ गुरमीत सिंह ने बताया कि बच्चे के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधकों का जवाब : राजनीतिक रंजिश नहीं, चेयरपर्सन के विरुद्ध डाली रिट को वापस करवाने को दबाव बना रहा परिवार

बच्चे के पिता की मांग- स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाए

सिर्फ डांटा, नहीं पीटा : स्कूल प्रिंसिपल

स्वीमिंग पुल के पास बच्चे आपस में लड़ रहे थे। बच्चों के पुल में गिरने का खतरा भी था। ऐसे में कोच ने बच्चों को लड़ने से डांटा जरूर था परंतु किसी की पिटाई नहीं की गई है। बच्चा मंगलवार को भी स्कूल आया था। पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। -दलबीर सिंह, प्रिंसिपल

रिट वापस करवाने का दबाव बना रहे : स्कूल डायरेक्टर

हमारी कोई राजनीतिक रंजिश नहीं है। हमारी पुत्रवधु ने चेयरपर्सन के लिए सीमा रानी को वोट नहीं डाली। हमारे जानकार ने चेयरपर्सन के विरूद्ध कोर्ट में रिट की है जिसे वापस कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। सीता राम मित्तल, डायरेक्टर

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