एयरफोर्स स्टेशन के 1000 मीटर के दायरे में बढ़ाई चौकसी
जिला प्रशासन ने ठीकरीवाल गांव के पास स्थित एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आदेश जारी किए। एयरफोर्स स्टेशन से 1000 मीटर के दायरे में अाने वाले मैरिज पैलेस, खेल मैदान, शस्त्र व्यक्ति, फ्लाई पैराग्लाइडर्स, पैरामोटर्स अाैर गुब्बारों पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई। सहायक जिला मजिस्ट्रेट रूही दुग्ग ने धारा 144 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए अन्य पाबंदियां भी लागू कीं। इनके अनुसार, जिलेभर में सूरज ढलने के बाद और सूरज उगने से पहले गोवंश की ढुलाई पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। दस्तावेजी सबूताें के अभाव में भी गोवंश की ढुलाई पर भी राेक रहेगी। जिन लोगों ने गोवंश रखे हुए हैं, वे पशुपालन विभाग से रजिस्टर्ड करवा लें।
पाबंदी के एक अन्य अादेश के अनुसार, घर, दफ्तर या अन्य स्थान पर कुआं अथवा बोर करने की लिखित मंजूरी जिला प्रशासन से 15 दिन पहले लेनी अनिवार्य हाेगी। जो व्यक्ति बिना मंजूरी लिए यह काम करेगा, उसके खिलाफ सबंधित थाने में धारा 188 के तहत पर्चा दर्ज हो सकता है। जिले के सभी विभागों अाैर आम लोगों को यह हिदायत दी गई है।
बोर करने को 15 दिन पहले लिखित मंजूरी लेना जरूरी
सहायक जिला मजिस्ट्रेट रूही दुग्ग ने कहा कि कुआं खाेदने अथवा बोर लगाने अाैर मरम्मत करने वाली सभी एजेंसियां जैसे सरकारी, अर्धसरकारी, प्राइवेट, ग्रामीण क्षेत्र के लिए कार्यकारी इंजीनियर, जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग और शहरी क्षेत्रों में कार्यकारी इंजीनियर जलापूर्ति और सीवरेज बोर्ड के पास रजिस्ट्रेशन कराएं। कोई एजेंसी बिना रजिस्ट्रेशन या लिखित मंजूरी के बिना कुआं अथवा बोर नहीं करेगी। कुआं या बोर करने वाली जगह के नजदीक संबंधित मालिक की तरफ से एजेंसी व अपना पता साइन बोर्ड पर अंकित करना जरूरी होगा। बोर वाली जगह पर कंटीली तार या कोई बैरिकेट लगाना जरूरी होगा। यदि पंप की मरम्मत करनी है तो कुआं या बोर खुला नहीं छोड़ा जाएगा। कुआं अथवा बोर का ढक्कन व नट-बोल्ट के साथ फिक्स होना चाहिए। बोर के बाद गड्ढा मिट्टी से अच्छी तरह से भरा जाएगा। उन्हाेंने यह भी कहा कि डीडीपीओ जिले के बोर या कुअाें की सूचना सरपंचों के पास से एकत्रित कर अपने दफ्तर में तैयार रखेंगे। अादेश का उल्लंघन करने वालाें के खिलाफ संबंधित धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।