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खसरे के खात्मे के लिए टीकाकरण जरूरी : सीएस

भारत में जर्मन खसरा के नाम से जाने जाते मीजल्स-रुबेला (एमआर) के पूर्ण तौर पर अंत के लिए सेहत विभाग की ओर से आज से...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 01, 2018, 03:00 AM IST

खसरे के खात्मे के लिए टीकाकरण जरूरी : सीएस
खसरे के खात्मे के लिए टीकाकरण जरूरी : सीएस
भारत में जर्मन खसरा के नाम से जाने जाते मीजल्स-रुबेला (एमआर) के पूर्ण तौर पर अंत के लिए सेहत विभाग की ओर से आज से अभियान शुरू किया जा रहा है। 5 सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 3 लाख 68 हजार 265 बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के 11 ब्लॉकों के लिए 323 टीमों का गठन किया गया है। 5 सप्ताह के दौरान सरकारी व निजी स्कूलों के समेत जिले भर में 3012 कैंप लगाकर लक्ष्य पूरा करने की योजना है। सेहत विभाग ने लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही वैक्सीन से संबंधित अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है और टीकाकरण को लाजिमी बताया है। बावजूद यदि कोई टीकाकरण से इंकार करता है तो विभाग हर स्तर पर उसे टीका लगाने के लिए प्रेरित करेगा। सेहत विभाग की योजना के अनुसार विभाग के वालंटियर व कर्मी स्कूल, आंगनबाड़ी सेंटर के अलावा अन्य दूसरे कम्युनिटी सेंटरों में जाकर बच्चों को टीका लगाएंगे। इसकी जागरूकता के लिए विभाग ने पिछले तीन माह से मुहिम शुरू की हुई है। पहले 2 हफ्तों में सरकारी व निजी स्कूलों में टीकाकरण होगा। इसके अगले 2 हफ्तों में उन बच्चों को टीका लगाया जाएगा जो स्कूल नहीं पहुंचे थे। 5वें हफ्ते में शेष बच्चों को टीकाकरण होगा। जिस बच्चे को टीका लगाया जाएगा उसकी पहचान के लिए एक कार्ड जारी होगा। - मीजल्स-रुबेला एक तरह का खसरे की बीमारी : मीजल्स रुबेला एक तरह का खसरा की बीमारी है। इसका संक्रमण नाक, सांस की नली व फेफड़ों पर होता है। रूबेला वायरस से पैदा होता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर हवा में मौजूद कणों से फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क बनाने या उसके द्वारा उपयोग में लाई गई वस्तुओं के प्रयोग से भी फैलता है।

मीजल्स रुबेला के लक्ष्ण : चेहरे पर घावों के निशान होना जोकि शरीर और हाथ-पैरों पर फैल जाते हैं। तेज बुखार होना, सूजी हुई ग्रंथियां, जोड़ों और सिर में दर्द होना, खुजली, भूख की कमी, सर्दी लगना, सूजी हुई लाल आंखें इसके मुख्य लक्ष्ण हैं। कुछ लेागों को इस दौरान दस्त और उल्टी की शिकायत भी हो सकती है।

संगरूर में लोगों को टीकाकरण संबंधी पोस्टर के जरिय जागरूक करते सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह और अन्य अधिकारी।

अफवाहों पर ध्यान न दें

मुहिम के तहत हर बच्चे का टीका करण यकीनी बनाने के लिए प्रबंध मुकम्मल हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। विभाग टीकाकरण के लिए हर व्यक्ति को हर स्तर पर संतुष्ट करेगा। डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, संगरूर

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