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मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी : अमरीक सिंह

अपनी मांगों को लेकर पंचायत समिति व जिला परिषद के कर्मचारी सोमवार को शहर की सड़कों पर उतर आए। जिले भर से जुटे यूनियन...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:00 AM IST
अपनी मांगों को लेकर पंचायत समिति व जिला परिषद के कर्मचारी सोमवार को शहर की सड़कों पर उतर आए। जिले भर से जुटे यूनियन सदस्यों ने शहर में रोष मार्च कर डीसी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। पिछले 19 दिनों से कलम छोड़ हड़ताल पर चल रहे यूनियन सदस्यों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

पंचायत सचिव यूनियन के जिला प्रधान अमरीक सिंह नारीके पंचायत समिति सुपरिंटेंडेंट एसोसिएशन के कुलदीप सिंह भौर ने कहा कि वह अपनी मांगों के लिए पिछले लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। पेंडू विकास व पंचायत विभाग के वित्तीय सचिव अनुराग वर्मा की ओर से पिछले 5 वर्षों के आमदन खर्च संबंधी पंचायत समिति व ब्लॉक से रिपोर्ट मांगी गई है। परंतु विभाग के सभी बीडीपीओ ने इसका बायकॉट कर रखा है। यह रिपोर्ट जनतक होनी चाहिए ताकि समय-समय पर विभिन्न पंचायत समितियों में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले का पता चल सके। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 27 मार्च से कलम छोड़ हड़ताल शुरू की हुई है। पंचायत समिति क्लर्क यूनियन के बलविंद्र सिंह, जिला परिषद कर्मचारी एसोसिएशन की चरणजीत कौर ने कहा कि 8 फरवरी को यूनियन के वफद की विभाग के मंत्री के साथ बैठक हुई थी, जिसमें उनकी सभी जायज मांगों को कबूल किया गया था परंतु विभाग के अधिकारियों ने उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस मौके पर जतिंदर सिंह, शमशेर सिंह, करमवीर सिंह, चरनजीत कौर, संजीव काकड़ा आदि उपस्थित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब 144 ब्लॉकों में कार्यरत यूनियन के सदस्यों का सरकार वेतन के लिए 85 करोड़ रुपए जारी कर चुकी है, परंतु अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह राशि खुर्दबुर्द कर दी गई है। ऐसे में कई ब्लॉकों कर्मचारियों को 2 माह से लेकर 1 वर्ष तक का वेतन नहीं मिला है। मांग की गई कि पंचायत समिति व जिला परिषद के कर्मचारियों का वेतन खजाना दफ्तर की ओर से जारी किया जाए। बकाया वेतन तुरंत रिलीज किया जाए। सीपीएफ तुरंत जारी किया जाए। वेतन प्रत्येक माह की एक तारीख को दिया जाए। 1-1-2004 से भर्ती किए गए कर्मचारियों की पेंशन स्कीम लागू की जाए।

प्रदर्शन

कर्मचारियों का वेतन खजाने से देने की मांग को लेकर पंचायत सचिवों ने डीसी दफ्तर के समक्ष दिया धरना

डीसी कार्यालय के समक्ष धरना देते पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्य।

हड़ताल का असर

हड़ताल के कारण गांवों में नालियों, गलियों आदि विकास कार्य रुक गए है। पंचायती चुनावों को लेकर गांवों में की जा रही वार्डबंदी का काम रुक गया है। शामलाट जमीनों की बोली नहीं हो रही है।