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ट्रांसफर 300 किमी दूर, दस्सो साडा की कसूर...सिंगला की कोठी के पास पहुंचकर दिया धरना, नारेबाजी की
कोरोना नाल नी मरदे, सरकारा मारनगीयां..., भेजिया 3 सौ किलोमीटर दूर, दस्सो साडा की कसूर....., वाह नी कांग्रेस सरकारें बसदे साडे घर उजाड़े, साडे बच्चे भूखे मारे, घटिया है तू सरकारें जैसे नारे लगाते हुए और गल्ले में फंदा डालकर अपने मासूमों बच्चों के साथ ठेका आधारित नाॅन टीचिंग कर्मचारी रोष मार्च करते हुए शिक्षामंत्री विजय इंदर सिंगला निवास के पास पहुंचे। पंजाब भर से बड़ी संख्या में जुटे कर्मचारी सिंगला निवास का घेराव करना चाहते थे परंतु पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर कर्मचारियों को सिंगला निवास के 100 मीटर दूर रोक लिया। ऐसे में गुस्साए कर्मचारियों ने वहीं धरना लगा दिया। कर्मचारी सरकार की रेगुलराइजेशन नीति के तहत कई सौ किलोमीटर दूर सीमावर्ती क्षेत्रों में की गई बदली से दुखी हैं। यूनियन नेता चमकौर सिंह, दविन्द्र जीत सिंह, सर्बजीत सिंह जतिन महिता, राजिन्द्र सिंह, आशीष जुलाहा ने मांग की कि दफ्तरी कर्मचारियों को अध्यापकों की तर्ज पर शिक्षा विभाग में रेगुलर किया जाए। मौजूदा समय में दफ्तरी कर्मचारियों की सीमावर्ती क्षेत्रों में की गई बदली को रद किया जाए। कर्मचारियों की जिले के भीतर ही बदली की जाए। कर्मचारियों को रेगुलर करने के बाद ही काम के आधार पर जरूरत के अनुसार ही बदला जाए। कर्मचारियों के गुस्से को देखते हुए प्रशासन ने यूनियन की शिक्षामंत्री के साथ पैनल बैठक 10 दिनों के भीतर करवाने के लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
कर्मचारी बोले- किसी के बच्चे को कैंसर तो किसी के माता-पिता बीमार, फिर भी शिक्षा विभाग दे रहा घर से दूर बदली के फरमान
अबोहर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उसकी माता देख नहीं सकती है। 9 वर्षीय बेटी देख, चल और बोल नहीं सकती है। 9 वर्षीय बेटा चलने- फिरने में असमर्थ है। दोनों का इलाज चल रहा है। अब उसकी बदली अबोहर से 2 सौ किलोमीटर दूर सुल्तानपुर लोधी की कर दी गई है। विभाग के समक्ष समस्या रखी तो कोई सुनवाई नहीं की गई है। अबोहर के ही राजीव कुमार ने बताया कि उसके 9 वर्षीय बेटे को ब्लड कैंसर है। पिता हार्ट और माता शुगर की मरीज हैं। महीने में दो बार बेटे को पीजीआई लेकर जाना पड़ता है। अब उसकी बदली 75 किमी दूर गुरुहरसहाय कर दी गई है। विभाग को बदली नहीं करने की अपील की तो नौकरी छोड़ने का फरमान सुना दिया गया है। सुनाम निवासी रजनी बांसल ने बताया कि सास और ससुर हार्ट के मरीज हैं। बच्चे छोटे हैं। पति पटियाला में जॉब करते हैं। ऐसे में पति और वह उनकी देखरेख करते हैं। अब उसकी बदली भी 200 किमी दूर होशियारपुर के कस्बा बंगा में कर दी गई है।
संगरूर में शिक्षामंत्री के निवास के पास नारेबाजी करते हुए कर्मचारी।