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बेटे के देखभाल न करने पर कोर्ट ने दंपति को वापस दिलाया प्लाट

सीनियर सिटीजन एसोसिएशन द्वारा बड़ी आयु के व्यक्तियों के हितों के लिए बने मैंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और...

Danik Bhaskar | Apr 03, 2018, 02:45 AM IST
सीनियर सिटीजन एसोसिएशन द्वारा बड़ी आयु के व्यक्तियों के हितों के लिए बने मैंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 और प्रोटैक्शन ऑफ लाइफ और प्रॉपर्टीज ऑफ सीनियर सिटीजन 2014 के तहत एक केस प्रधान तरसेम सिंगला की अगुवाई में ट्रिब्यूनल उप मंडल मजिस्ट्रेट के पास विद्या देवी व उनके पति ओम प्रकाश द्वारा उनके पुत्र देव पाल व उसकी प|ी अमरजीत कौर के खिलाफ दायर किया गया था। तरसेेम सिंगला ने बताया कि उक्त पति-प|ी की आयु 70 साल है। उन्होंने बताया कि 2010 में 10 मरले के प्लाट की सरकारी कीमत 6,22,500 रुपए थी। उन्होंने अपने लड़के के नाम बिना कोई पैसे लिए करवा दिया लेकिन उसके बाद उनके पुत्र व उसकी प|ी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया व जान से मारने की धमकियां भी देने लगे। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग पति व प|ी द्वारा एसएसपी कार्यालय में भी इसकी गुहार लगाई गई थी लेकिन समझौते के बाद दरखास्त को फाइल कर दिया, जिसके बाद उनकी संस्था ने इनका केस लड़ने का फैसला लिया।

ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाते हुए वर्ष 2010 में हुई रजिस्ट्री व इंतकाल को खारिज कर बुजुर्ग व्यक्तियों को उनका हक देकर जीने की राह को आसान बना दिया। सोमवार को संस्था के कार्यालय में बुजुर्ग दंपति की ओर से संस्था के नुमाइंदों का धन्यवाद किया गया। इस मौके पर डाॅ. शमिंदर सिंह, प्रेम अग्रवाल, महेश दीवान, जोगिंदर सिंह, हरि राम आदि मौजूद थे। (टिंका)