Hindi News »Punjab »Sunam» मनुष्य में बार-बार इच्छाओं का होना उसके दुखों का कारण : आशुतोषानन्द

मनुष्य में बार-बार इच्छाओं का होना उसके दुखों का कारण : आशुतोषानन्द

शिव निकेतन धर्मशाला में चल रहे श्रीराम सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा को संबोधित करते हुए स्वामी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 06, 2018, 03:45 AM IST

मनुष्य में बार-बार इच्छाओं का होना उसके दुखों का कारण : आशुतोषानन्द
शिव निकेतन धर्मशाला में चल रहे श्रीराम सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा को संबोधित करते हुए स्वामी आशुतोषानन्द ने कहा कि मनुष्य में बार-बार इच्छाओं का होना उनके दुखों का सबसे बड़ा कारण है। जैसे मनुष्य के पास घर नहीं होने पर उसकी इच्छा मकान बनाने की होती है। मकान बनने के बाद कोठी बनाने की इच्छा करने लगता है। पैदल चलने वाला व्यक्ति स्कूटर व स्कूटर वाला व्यक्ति कार की इच्छा रखता है। यही इच्छा उसके दुखों का कारण बनती है। इसलिए मनुष्य को अपनी परिस्थितियों के अनुसार ही सुख देखना चाहिए। ईश्वर ने जो दिया है उसी से संतोष करते हुए सुखी जीवन बिताना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूध में मिला पानी दूध के मूल्य पर ही बिक जाता है, परंतु उसमें खट्टा डालने पर दूध और पानी अलग हो जाते हैं। इस मौके महिला अग्रवाल सभा की जिला प्रधान रेवा छाहड़िया, डिंपल गर्ग, पवन छाहड़िया, राजीव कुमार आदि के अलावा अन्य लोग भी उपस्थित थे। (टिंका)

सुनाम में स्वामी आशुतोषानन्द जी से आशीर्वाद लेते श्रद्धालु।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sunam

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×