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गंगा के किनारे जो कुआं खोदता है वह अवश्य ही मूर्ख : साध्वी सुश्री

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से स्थानीय आश्रम सुनाम में धार्मिक कार्यक्रम करवाया गया। आशुतोष महाराज की...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:00 AM IST
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से स्थानीय आश्रम सुनाम में धार्मिक कार्यक्रम करवाया गया। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री ईश्वरप्रीता भारती ने कहा कि हमें यह सदा याद रखना चाहिए कि ईश्वर को प्राप्त करने वाले इस संसार में गिने चुने है। अगर हम दुनिया का इतिहास देखें तो ऐसे भक्तों की गिनती हम उंगलियों पर कर सकते हैं, लेकिन हमें यही सोचकर एक नहीं जाना चाहिए क्योंकि उच्चतर वस्तु की प्राप्ति के लिए परिश्रम भी उतना ही करना पड़ता है। साध्वी ने कहा कि गंगा के किनारे जो कुआं खोदता है वह अवश्य ही मूर्ख है। हीरे की खान में जाकर जो कांच की गोलियां ढूंढता है वह भी मूर्ख है। सोचिए कि मानव ईश्वर, पवित्रता, शुद्धता को छोड़कर इस संसार में कूड़ा इकट्ठा करता है। उन्होंनें कहा कि ईश्वर से श्रेष्ठ इस संसार में और कौन है। पवित्रता से बढ़कर कौन सी शक्ति है। प्रेम और पवित्रता ही दुनिया के शासक है। ईश्वर के इसी प्रेम के लिए हमारे महापुरुष हमें प्रेरित करते है। सभी धार्मिक ग्रंथ भी इसी का संदेश देते हैं। ईश्वर प्रेम और उसी की सेवा करना ही हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए । साध्वी ने कहा कि हम प्रतिदिन अपने जीवन में देखते है कि जिस मनुष्य में जितनी पवित्रता होती है। ईश्वर के प्रति मानव समाज के प्रति जितना प्रेम होता है उतना ही उसका जीवन उच्चतर होता है। हमें भी इन्द्रिय विषय को छोड़ ईश्वर प्राप्ति में लग जाना चाहिए। अंत में साध्वी अविनाश भारती जी द्वारा भजनों का गायन किया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।

सुनाम में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।