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Q. कैप्टन कैबिनेट में नंबर दो के ओहदे के मंत्री

Q. कैप्टन कैबिनेट में नंबर दो के ओहदे के मंत्री के तौर पर आप की नजर में कैप्टन सरकार का पहला साल कैसा रहा? जवाब :...

Dainik Bhaskar

Mar 18, 2018, 05:25 AM IST
Q. कैप्टन कैबिनेट में नंबर दो के ओहदे के मंत्री के तौर पर आप की नजर में कैप्टन सरकार का पहला साल कैसा रहा?

जवाब : ‘चंपा के दस फूल चमेली की एक कली, मूर्ख की सारी रात चतुर की एक घड़ी’। जो बेहतर है वह स्वीकारा सबने। बादल परिवार की सरकार का खात्मा कर लोगों की सरकार आई। भय की राजनीति खत्म हुई। सुशासन, शांति, कानून और व्यवस्था बहाल हुई। 500 गैंगस्टर्स व 50 से अधिक गैंग का सफाया किया। पांच साल मंे नहीं हुआ। अब भी वही डीजीपी हंै, वही एडीजीपी दिनकर गुप्ता हैं। गगनेजा, विपिन शर्मा, मनीष शर्मा की टारगेट किलिंग करने वाले मिटा दिए गए।

Q. शुरुआत में आप अपने महकमे को लेकर संतुष्ट नहीं थे? अफसरों को भी नहीं टिकने देते थे, तेजी से बदलते रहे? क्या अभी भी आप अपने महकमे से संतुष्ट नहीं हैं? मंत्रिमंडल विस्तार के समय अपने मौजूदा महकमे लाेकल बाॅडीज व पयर्टन में बदलाव चाहेंगे?

जवाब: दोनों महकमों के िलए मैंने ई-गवर्नेंस व एयर सर्विलेंस का रोडमैप तैयार किया है। उसे िसरे चढ़ाना है इसलिए महकमों में बदलाव का मतलब ही नहीं। 800 सिंगल टेंडर कैंसिल किए हैं। उन्हंे दोबारा जारी करा शहरों की डिवेलपमेंट को रफ्तार दूंगा। प्रॉपटी टैक्स चोरी पर नकेल के िलए शहरों के एयर सर्विलेंस करा रहा हूं। लुधियाना जैसे सबसे बड़े शहर की सिर्फ 90,000 प्राॅपटीज टैक्स के दायरे में थीं, एयर सर्विलेंस से पता चला 4 लाख से ज्यादा प्रॉपटीज पर टैक्स बनता है। अवैध काॅलोनियों को वैध करने को अकाली सरकार 2012, 2015 और 2016 में पॉलिसी लाई पर अवैध काॅलोनियां वैध नहीं हो सकीं। 1300 करोड़ की लागत से अकाली सरकार ने शहरों मंे ड्रेनेज की सफाई को 64 एसटीपी लगाए, एक भी नहीं चला। सालभर मंे हमने 19 चला दिए और इस साल में 40 चला देंगे।

Q. चुनाव से पहले कैप्टन ने तलवंडी साबो में हाथ में गुटका साहिब लेकर नशे का खात्मा चार हफ्ते में करने की कसम खाई थी। नशा खत्म नहीं हुआ? उन दिनों आपके भी बयान बड़े चर्चा मंे थे कि सरकार बनते ही चिट्टा बेचने वालों के मुखिया बिक्रम मजीठिया को जेल में डाल देंगे?

जवाब : नशे का पूरी तरह खात्मा नहीं हुआ पर घटा जरूर है। खात्मे की कोशिश जारी है। मजीठिया को जेल में डालने का बयान मैंने नहीं दिया। कैप्टन साहब लगे हैं पक्के सबूत जुटाने में, जिस दिन हाथ में होंगे उसी दिन मजीठिया जेल में होगा।

Q. कई कांग्रेसी विधायकों और एक कैबिनेट मंत्री का नाम भी अवैध माइनिंग में सामने आ रहा है। सीएम के पास भी इंटेलीजेंस व माइनिंग विभाग द्वारा दी नेताओं व उनके करीबियांे के नामों की लिस्ट है। ऐसे में फेयर जांच हो पाएगी ?

जवाब : पंजाब के हित सर्वोपरि हैं। ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर, कमेटी मांगे पंजाब की खैर। कमेटी 1 अप्रैल से जांच शुरू कर देगी। जो शामिल हैं वह कोई भी हो उनके नाम का खुलासा 30 अप्रैल तक सीएम को दी जाने वाली रिपोर्ट में करूंगा।

Q. कांग्रेस सरकार के मेनिफेस्टो के ज्यादातर वादे एक साल में पूरे नहीं हो पाए?

जवाब : 10 साल तक पंजाब में अकालियों की भय की राजनीति के साथ आर्थिक आतंकवाद का दौर रहा। सूबे के सामांतर बादल परिवार की इकोनॉमी चलती रही। पीआरटीसी घाटे से नहीं निकली, बादलों की बसें 2 से 800 हो गईं। ट्रांसपोर्ट, माइनिंग, शराब, केबल माफिया का आर्थिक आतंक रहा। यहां तक कि हाईवे के कई ढाबे भी सुक्खी गप्पी (सुखबीर बादल) ने कब्जा लिए। मेनिफेस्टो तो अकालियों ने 10 साल में लागू नहीं किया। उनके राज में 700 रुपए क्विंटल बिकी बासमती हमारी सरकार के पहले साल मंे ही 3500 रुपए क्विंटल बिकी। मंडियों मंे फसलांे का उठान समय पर हुआ।

Q. साल भर कांग्रेस के नेताओं की शह पर अवैध माइनिंग होती रही। सरकार सोती रही? कैप्टन साहब को भी साल बाद सूझा तब तक रेत माफिया ने नदियां, नहरें खाेखली कर डालीं?

जवाब : मानता हूं साल भर हमारी सरकार मंे भी रेत की लूट हुई। पाेकलेन की मंजूरी नहीं फिर भी दिन-रात चल रही हैं। साल बाद ही सही देर आए, दुरुस्त आए। अब दुरुस्त हो जाए तो बेहतर होगा। इससे पहले भी तो 40 साल तक रेत लूटी जाती रही। मैं तो कहता हूूं पंजाब में 5000 करोड़ से अधिक की रेत की लूट की गेम है सालभर की। उस पर नकेल लगे तो दाम भी घटंेगे और सरकारी खजाने में भी पैसा आएगा।

Q. प्राइवेट यूनिवर्सिटीज, कॉलेजांे मंे पहले से ही होने वाली कैंपस प्लेसमेंट को ‘हर घर रोजगार’ का नाम देकर सरकार क्रेडिट ले रही है। सरकारी नौकरियां तो मिली नहीं?

जवाब : लोकल बॉडीज मंे मैंने क्लास वन व टू में 200 नई भर्तियों के नियुक्ति पत्र जारी किए हैं। 1000 नई भर्तियां जल्द होने वाली हैं। इसके अलावा इस साल कई सरकारी विभागों मंे 11,000 से अधिक भर्तियां प्रोसेस में हैं। प्राइवेट सेक्टर मंे रोजगार कैंपस प्लेसमेंट से ही सही, सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भरता तो दी है।

Q. आनंदपुर साहिब मंे विरासत-ए-खालसा जैसे सिख पंथ के इतिहास को दर्शाते स्मारक को आपने सफेद हाथी कहा? अब आपके ही सीएम और आपके मंत्रालय ने करतारपुर साहिब में जंग-ए-आजादी स्मारक के दूसरे चरण का उद्घाटन किया, तीसरे के लिए 25 करोड़ रुपए का एेलान किया?

जवाब : 300 करोड़ से ज्यादा खर्च करके बनाए विरासत-ए-खालसा के रखरखाव पर ही सालभर में सरकारी खजाने से 12 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। रोजाना लाख रुपए एंट्री फीस कमाने वाला जंग-ए-आजादी स्मारक आत्मनिर्भर है।

Q. एक साल बाद लोकसभा चुनाव आ रहे हैं, अापको फिर अमृतसर से मैदान मंे उतारा गया तो?

जवाब : नहीं लड़ूंगा। पहले 4 बार लोकसभा मंे रहा हूं। 6 साल की राज्यसभा सदस्यता इसलिए ठुकराई कि पंजाब की सेवा कर सकूं। पंजाब की सेवा मंे ही सक्रिय रहूंगा। सिर्फ पंजाब, पंजाब और पंजाब मेरा मिशन है। बात खत्म, खटैक-खटैक-खटैक।

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