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युवाओं में नशा छोड़ने का रुझान 126 फीसदी बढ़ा : कैप्टन

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में नशे का खात्मा करने के लिए शुरू की गई मुहिम के परिणाम स्वरूप युवाओं में नशा छोड़ने का...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:05 AM IST
पंजाब सरकार द्वारा राज्य में नशे का खात्मा करने के लिए शुरू की गई मुहिम के परिणाम स्वरूप युवाओं में नशा छोड़ने का रुझान बढ़ा है। नशामुक्ति केन्द्रों में युवाओं की गिनती पहले की अपेक्षा 126 प्रतिशत बढ़ी है। यह खुलासा सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तरनतारन में ‘डैपो’ प्रोग्राम के दूसरे चरण, नशा निगरान कमेटियां, पंजाब भर में 60 ‘ओट’ केन्द्रों और ‘बड्डी’ प्रोग्राम को पंजाब निवासियों को समर्पित करने के अवसर पर किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2016 में 1.82 लाख युवा नशा छोड़ने के लिए अस्पतालों में पहुंचे जबकि 2017 में 4.12 लाख युवा नशा छोड़ने के लिए आगे आए हैं । इसके अलावा 5107 नशे के आदी युवा सरकारी नशामुक्ति केन्द्रों में 17667 युवा प्राइवेट नशामुक्ति केन्द्रों में अपना इलाज करा रहे हैं । उन्होंने कहा कि सरकारी नशामुक्ति केंद्र में नशा छोड़ने के इच्छुक युवाओं का पूरा इलाज किया जा रहा है और निजी नशामुक्ति केन्द्रों पर भी सरकार पूरी नजऱ रख रही है। उन्होंने लोगों की तरफ से मिले समर्थन की प्रशंसा करते हुए कहा कि लोगों के समर्थन से आशा है कि पंजाब जल्द ही नशामुक्त होगा । उन्होंने बताया कि अबतक राज्य में 4.8 लाख लोग स्व -इच्छा के साथ नशा मुक्ति के खात्मे के लिए आगे आए हैं जिसमें से 26000 अकेले जिला तरनतारन में से ही हैं । उन्होंने बताया कि एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में शुरू किया जा रहा ‘बड्डी’ प्रोग्राम के तहत स्कूलों, कालेजों और यूनिवर्सिटियों के छात्रों को नशों के घातक प्रभाव से अवगत करवाकर इससे बचने के लिए प्रेरित किया जायेगा और पहले चरण में छठी से नौवीं कक्षा के विद्यार्थी कवर किए जाएंगे ।

डैपो प्रोग्राम का दूसरा चरण मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब निवासियों को किया समर्पित

समागम में कैप्टन अमरिंदर िसंह को सम्मानित किया गया।

हर विभाग के बजट में पांच फीसदी कटौती कर शिक्षा के लिए मुहैया कराएंगे फंड

कैप्टन ने कहा, नशा बेचने में शामिल बड़ी मछलियों को भी जल्द काबू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गत वर्षों के दौरान शिक्षा के घटिया स्तर ने युवाओं में नकारात्मक रुझान पैदा करके उनको नशों की ओर धकेला है। उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है कि हरेक विभाग के बजट पर 5 प्रतिशत कटौती करके शिक्षा के लिए और फंड मुहैया करवाए जाए। इस मौके सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, शिक्षा मंत्री ओपी सोनी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक हरमिंदर सिंह गिल, धर्मवीर अग्निहोत्री, तरसेम सिंह डीसी, संतोष सिंह भलाईपुर और सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला इत्यादि मौजूद थेे।