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जीएलआर से पाइपलाइन नहीं जुड़ने से ग्रामीण हो रहे हैं परेशान

निकटवर्ती डोडियाली गांव में ग्रामीणों की सुविधा के लिए निर्मित जीएलआर को लंबे समय से पाइप लाईन से नहीं जोड़ने से...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:00 AM IST
जीएलआर से पाइपलाइन नहीं जुड़ने से ग्रामीण हो रहे हैं परेशान
निकटवर्ती डोडियाली गांव में ग्रामीणों की सुविधा के लिए निर्मित जीएलआर को लंबे समय से पाइप लाईन से नहीं जोड़ने से नकारा साबित हो रहे है। जबकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।

जानकारी अनुसार ग्रामीणों की ओर से गांव में पेयजल की सुविधा के लिए जीएलआर निर्माण की मांग की थी। जिस पर ग्रामीणों की मांग पर पूर्व में ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव लेकर लाखों रुपये की लागत से जीएलआर का निर्माण करवाया था। जिसको लेकर कई बार ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भी अवगत कराया। लेकिन जीएलआर को लाईन से जोड़ने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते काफी वर्षों पूर्व निर्मित जीएलआर अब नकारा साबित हो रहा है। वही ग्रामीणों को पेयजल के लिए कृषि बेरों व अन्य जगहों से पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को कई बार गर्मियों के मौसम में पैसे देकर टेंकरो से पानी डलवाना पड़ रहा है। लेकिन पेयजल की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है इधर रसियावास कला गांव मे पनघट योजना बंद पड़ा है मिनी आरओ प्लांट राज्य सरकार के जलदाय विभाग की ओर से सौर ऊर्जा चलित पनघट मिनी आरओ प्लांट दस दिनो से बंद पड़ा है।

ग्रामीणों के अनुसार प्लांट दस दिन पहले तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया था। लेकिन अभी तक रिपेयर नहीं करवाया गया है। जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


पानी नहीं मिलने के कारण लंबे समय से जीएलआर हो रहे है नकारा साबित

पावटा. सूखा पड़ा जीएलआर।

हैंडपंप की मरम्मत नहीं करने से परेशान ग्रामीण

बागोड़ा | गर्मी के मौसम को लेकर पानी की कमी को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ जीएलआर में जलापूर्ति तथा हैंडपंपों की मरम्मत नहीं होने के चलते लोगों को पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसका खामियाजा तेज गर्मी में लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार धुम्बडिय़ा, सेवड़ी, नरसाणा, भालणी, लाखणी, खोखा, रंगाला, जैसावास, कोरीध्वेचा, नादिया, चैनपुरा, राऊता, मोरसीम, जुनी बाली, कालेटी, दामण सहित दर्जनभर गांवों में हैंडपंप जर्जर व खराब पड़े हुए है। गर्मी में पेयजल की कमी को मध्य नजर रखते हुए नलकूपों की मरम्मत करवाने एवं सूखे पड़े जीएलआर में जलापूर्ति के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों व विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिसके चलते लोगों को मजबूरन महंगे दामों मेें टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है।

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