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सुविधाएं नहीं होने के कारण आहोर केन्द्र पर लक्ष्य की तुलना में आधी ही हुई खरीद

कस्बे समेत आसपास के गांवोंं के किसानों से चने व रायड़े की फसल सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए खरीद केंद्र...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 29, 2018, 02:00 AM IST

कस्बे समेत आसपास के गांवोंं के किसानों से चने व रायड़े की फसल सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद करने के लिए खरीद केंद्र खोला गया था। तथा आहोर तहसील के राजस्व गांवों में किसानों द्वारा बुवाई की गई चने की फसल का उत्पादन करीब एक लाख क्विन्टल से भी अधिक माना गया था।

उसके आधार पर आहोर खरीद केन्द्र पर चने की फसल की तुलाई करीब एक लाख क्विन्टल होनी थी, लेकिन आहोर खरीद केंद्र पर सुविधाओं का अभाव होने से २६-२७ मई तक करीब ३० हजार क्विन्टल चने की फसल तुलाई हो सकी है। तथा आहोर क्रय विक्रय सहकारी समिति प्रबंधन कमेटी की माने तो खरीद केंद्र पर फसल बेचने के लिए ऑनलाइन होने वाली पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने तक करीब ६० हजार क्विन्टल चने की खरीद हो पाएगी। इससे ज्यादा खरीद नहीं हो पाएगी। आहोर क्रय विक्रय सहकारी समिति व्यवस्थापक एवं खरीद केंद्र प्रभारी पूरणसिंह बालोत ने बताया कि २७ मई तक आहोर क्षेत्र के विभिन्न गांवो के करीब ८३७ किसानों ने पहले और बाद में क्रमश: २५ व ४० क्विन्टल के हिसाब से करीब २५ हजार क्विन्टल से अधिक चने की फसल तुलाई करवा चुके है। तथा ऑनलाइन पंजीयन के आधार पर देखा जाए तो जिलेभर के करीब १६३३ किसान पंजीयन करवा चुके है। जिसमें से आधे किसान अभी तक चने की फसल तुलवाई करवा चुके है। शेष रहे पंजीयन के आधार पर आहोर खरीद केंद्र पर अभी करीबन ३० से ३५ हजार क्विन्टल के आसपास चने की खरीद होने की संभावना जताई जा रही है। जो सरकार की ओर से निर्धारित किए गए लक्ष्य से करीब ४० हजार क्विंटल कम होने की संभावना है। चने की फसल के अलावा आहोर खरीद केंद्र पर रायड़े की फसल तुलाई भी की गई है। जिसमें आहोर क्षेत्र के किसानों ने करीब ७६५० क्विंटल रायड़े की फसल तुलाई करवा दी है। वर्ष २०१७ के दौरान अच्छी बारिश होने से कृषि कुओं का जलस्तर सुधरने के साथ ही जवाई कमांड क्षेत्र के २२ गांवों में नहरी सिंचाई की चार पाण का पानी मिलने से किसानों ने गेंहूं की फसल ज्यादा बुवाई की थी। जिससे रायड़े की कम बुवाई होने से आहोर क्षेत्र के किसानों द्वारा रायड़े की फसल कम तुलाई करवाई गई है। तथा चने की बुवाई का सिचिंत व सेवज ऐरिया में बुवाई का क्षेत्रफल अधिक होने से चने की बंपर पैदावार आंकी गई थी।

आहोर खरीद केंद्र पर सुविधाओं का टोटा होने से किसानों ने नहीं दिखाई रूचि : सरकार की ओर से सरकारी समर्थन मूल्य पर चने व रायड़े की खरीद करने के लिए आहोर कृषि मंडी में खोले गए खरीद केन्द्र पर न तो पर्याप्त छाया थी और न ही चने व रायड़े की फसल तुलाई करने के बाद उसकी बोरियों को सुरक्षित रखने के लिए उचित स्थान था। वैसे देखा जाए तो आहोर कृषि मंडी में विकास के नाम पर अभी तक कोई काम नहीं हो पाया है। न तो वहां पर फसल की बोरिया रखने के लिए प्लेटफार्म बने हुए है और न ही किसानों के विश्राम करने के लिए टीन शेड बने हुए है। हालांकि खरीद केंद्र खुलने के बाद आहोर क्रय विक्रय सहकारी समिति स्तर पर खर्चा वहन करते हुए तुलाई की गई फसलों की बोरिया रखने की व्यवस्था करवाने के साथ किसानों के विश्राम के लिए छायादार टेंट लगवाने के साथ ही पानी की व्यवस्था करवाई गई थी। जो कि आहोर खरीद केंद्र को दिए गए लक्ष्य के सामने नाममात्र की तैयारियां साबित हो रही थी। आहोर खरीद केंद्र पर खुले आसमान के तले रखी चने व रायड़े की फसल के साथ साथ छाया के अभाव में कृषि मंडी में किसानों की आवाजाही भी कम देखने को मिली। पिछले आठ दस दिनों से प्रचंड गर्मी का दौर चलने व गर्म तपती हवाओं से लू का असर होते देख भरी दोपहरी में किसानों की आवाजाही पर भी विराम लगा। तथा हाल के दिनों में गर्मी में तुलाई किए जाने वाले लोहे के कांटे के भी हाथ नहीं लगाने जैसी स्थिति बनने से दोपहर में तुलाई को रोकना पड़ रहा है।

खरीद केन्द्र पर चने की खरीद के लिए रखा था एक लाख क्विन्टल का लक्ष्य

आहोर खरीद केंद्र से ट्रकों में भरकर भेजी जाने वाली बोरियों को उदयपुर वेयर हाऊस में समय पर नहीं उतारना भी कम तुलाई का कारण बना

आहोर खरीद केंद्र पर प्रतिदिन चने व रायड़े फसल की तुलाई करके उसे सरकारी बारदान में भरने के बाद ट्रकों में भरकर उदयपुर वेयर हाऊस (सरकारी गोदाम) में भेजा जाता है। तथा वेयर हाऊस में जगह का अभाव होने से आहोर समेत अन्य खरीद केन्द्रों से आने वाली ट्रकों में लदा माल समय पर खाली नहीं होने से खरीद केंद्रों पर बार बार तुलाई की प्रक्रिया को बंद रखना पड़ता था। जिससे प्रतिदिन होने वाली तुलाई पर भी विपरीत असर साबित हुआ। वरना २६ मई तक करीब ४० हजार क्विन्टल चने की फसल आसानी से खरीद हो जाती। और पंजीयन प्रक्रिया समाप्त होने तक करीब ये आंकड़ा ६०क्विंटल से अधिक बढ़ जाता।

इनका कहना...

आहोर खरीद केंद्र पर २७ मई तक करीब ८३७ किसानों द्वारा करीब २५०५७ क्विंटल चने की तुलाई की जा चुकी है। वहीं रायड़े की फसल कम आने से अभी तक करीब ७३५० क्विंटल रायड़े की फसल की खरीद हो पाई है। और शेष पंजीयन करवाने वाले किसानों से करीबन ३० से २५ हजार क्विंटल चने की फसल तुलाई होना संभावित है। आहोर खरीद केंद्र पर शुरूआत से खरीद केंद्र पर तुलाई बंद होने तक करीब ६० हजार क्विंटल चने की फसल खरीद होने की उम्मीद है। - जमना मेघवाल, जनरल मैनेजर, आहोर मार्केटिंग सोसायटी लि. आहोर

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