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शिक्षक राधेश्याम ने छात्रों को उकसाया, छुट्टी लेकर बाहर बैठा देखता रहा, क्योंकि पट्‌टाधारक से रखता है द्वेषता

भास्कर संवाददाता | बदनौर/शंभूगढ़ आसींद उपखंड के शंभूगढ़ राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर पक्का...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:10 AM IST
भास्कर संवाददाता | बदनौर/शंभूगढ़

आसींद उपखंड के शंभूगढ़ राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर पक्का निर्माण (दुकान) ढहाने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। स्कूल के ही एक अध्यापक के उकसाने पर छात्राओं ने निर्माण तोड़ा था। शिक्षक पट्टेदार से द्वेष रखता है। उस पर कोई आरोप नहीं लगे इसलिए घटना वाले दिन उसने छुट्टी ले ली थी। वह स्कूल के बाहर बैठकर पूरा घटनाक्रम देखता रहा। शंभूगढ़ थानाधिकारी जसवंत सिंह ने बताया कि अध्यापक राधेश्याम पारीक आमेसर का रहने वाला है। प्रथम दृष्टया पारीक द्वारा ही छात्र-छात्राओं को उकसाना सामने आ रहा है। पूर्व उपसरपंच लक्ष्मी से उसके भूखंड को लेकर पुरानी अनबन है। उसने वर्ष 2015 में महिला से मारपीट भी की थी तब अध्यापक के खिलाफ कोर्ट में चालान हुआ था। अध्यापक ने भी अतिक्रमण को लेकर वाद दायर किया था। मामले में कोर्ट ने स्टे दिया। छात्र-छात्राओं को तो अतिक्रमण की जानकारी ही नहीं थी।

जांच... निर्माण तोड़ने की जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम, शिक्षकों के बयान लिए दहशत के कारण 224 में से 177 छात्राएं ही स्कूल आईं

सेना के जवान को भी बनाया आरोपी... भारतीय सेना का जवान महावीर शर्मा इन दिनों अपने गांव शंभूगढ़ आया हुआ है। वह मंगलवार को घटना के दौरान स्कूल की तरफ गया। पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया। महावीरप्रसाद ने पुलिस से कहा कि आप छात्राओं पर सख्ती की बजाय प्रेम से समझाएं। जब छात्राएं पुलिस पर मिट्टी फेंक रही थीं तो मैंने ही उन्हें रोका और समझाकर स्कूल से घर भेजा। बावजूद इसके पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

आसींद | शंभूगढ़ के राजकीय बालिका माध्यमिक स्कूल के पास पक्का निर्माण छात्राओं द्वारा ढहाने के मामले की जांच करने बुधवार को शिक्षा विभाग की टीम पहुंची। मामले में करीब 300 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। ग्रामीणों के साथ ही छात्राओं में भी इससे दहशत नजर आई। बालिकाओं में खौफ इस कदर था कि 224 में से 177 बालिकाएं ही स्कूल आईं। स्कूल के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने व एक शिक्षक को एपीओ करने को लेकर स्टाफ सहमा हुआ है। मंगलवार सुबह 10 बजे शंभूगढ़ राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय की बाउंड्री के पास एक पक्के निर्माण को अतिक्रमण बताते हुए छात्राओं ने ध्वस्त कर दिया था। पुलिस ने छात्राओं को रोका तो गुस्साए विद्यार्थी व ग्रामीण पुलिस से उलझ गए। मिट्टी व ईंटें फेंकने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस पर पुलिस ने हवाई फायर कर दिया पड़ा। पथराव में थानेदार सहित एक महिला कांस्टेबल घायल हो गई थी। पुलिस की जीप भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। मामले की जांच के लिए बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर एक टीम पहुंची। टीम में प्रधानाचार्य अवधेश कुमार शर्मा पालड़ी, प्रधानाचार्य मीना प्रतिहार आसींद तथा प्रधानाध्यापक अशोक कुमार अग्रवाल रामपुरिया आदि शामिल थे। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में प्रत्येक बिंदु की जांच करने की प्रयास किया है ताकि दोषी तक पहुंचा जा सके। जांच टीम में शामिल प्रधानाचार्य अवधेश कुमार शर्मा पालड़ी ने बताया कि उन्होंने विभागीय नियमानुसार जांच की है। कार्यवाहक प्रधानाध्यापक सोहन लाल खटीक, अन्य शिक्षक व शिक्षिकाओं के बयान लिए। छात्राओं व विद्यालय एसएमसी से भी अलग-अलग पूछताछ की। यह रिपोर्ट जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

मामले की जांच करती शिक्षा विभाग की टीम।