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70 हजार आबादी वाले जिले के सबसे बड़े शहर में सिर्फ ढाई हजार लीटर क्षमता की दमकल

आबूरोड. नगरपालिका की फायर ब्रिगेड छोटी होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फोटो : भास्कर बिजली नहीं...

Dainik Bhaskar

May 23, 2018, 02:00 AM IST
70 हजार आबादी वाले जिले के सबसे बड़े शहर में सिर्फ ढाई हजार लीटर क्षमता की दमकल
आबूरोड. नगरपालिका की फायर ब्रिगेड छोटी होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। फोटो : भास्कर

बिजली नहीं होने पर बंद हो जाता है कंट्रोल रूम को फोन

कार्यालय में लगा फोन बैटरी से संचालित हो रहा है। लाइट नहीं होने के दौरान अक्सर यह बंद हो जाता है। इससे उस दौरान लोगों के लिए यहां सूचना देना मुश्किल हो जाता है। कार्यालय के कई कर्मचारियों को नगरपालिका में लगाने से भी कई बार विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर बोर्ड की बैठक में कई बार चर्चा हो चुकी है। बोर्ड सदस्य हर बार सदन का इस ओर ध्यान आकर्षित कर शहर के विस्तार को देखते हुए बड़ी फायर ब्रिगेड उपलब्ध करवाने की मांग कर चुके हैं।

दो साल में हो चुकी है आग लगने की कई बड़ी घटनाएं

पिछले दो सालों में शहर में तिरुपति फाइबर्स प्राइवेट लिमिटेड में दो बार, प्रिस्टाईन प्राईवेट लिमिटेड में एक बार, मावल, भुजेला में बंद इकाई में एक-एक तथा रेलवे स्टेशन के ट्रैक संख्या छह के समीप सूखी झाडिय़ों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी है। हर बार बड़ी फायर ब्रिगेड की कमी खली है। रेलवे स्टेशन, डीजल शेट एवं फ्यूल प्वाइंट पर हमेशा सैकड़ों लीटर डीजल का स्टोरेज रहता है। मामूली सी चिंगारी कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पूर्व में रेलवे की स्वयं की फायर ब्रिगेड हुआ करती थी जिसे बाद में अजमेर शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद से नगरपालिका फायर ब्रिगेड की एकमात्र उपाय है।

डीएलबी को भेज चुके हैं बोर्ड प्रस्ताव


पालिका की सालों पुरानी फायर ब्रिगेड हो चुकी है खस्ता

यहां पर सालों पहले भेजी गई ढाई हजार लीटर पानी की भराव क्षमता वाली फायर ब्रिगेड उपलब्ध है। इसकी टंकी में लीकेज है। इससे पानी भरने के बाद से लगातार लीकेज होता रहता है तथा कुछ समय बाद टंकी खाली हो जाती है। कार्यालय के ऊपर टंकी बनी है तथा पीछे की ओर बोरवेल खुदा हुआ है। बताया जा रहा है कि यह काफी समय से खराब पड़ा है। इसके बारे में कार्यालय कर्मचारियों द्वारा कई बार प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित किया गया है लेकिन, आज तक कोई नतीजा नहीं निकला। इससे अब नल कनेक्शन से टंकी को भरकर काम चलाया जा रहा है। कर्मचारियों में केवल एक चालक और तीन स्थाई एवं तीन संविदा पर फायरमैन कार्यरत है। एक स्थाई एवं एक संविदा कर्मी को साथ लगाकर ड्यूटी ली जा रही है।

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