• Home
  • Rajasthan News
  • Abu Road News
  • देवराफली, चनार व कुई गांव में फूड पॉइजनिंग से नौ लोग बीमार, भूमिगत जलस्तर घटने से पानी दूषित होने का अंदेशा
--Advertisement--

देवराफली, चनार व कुई गांव में फूड पॉइजनिंग से नौ लोग बीमार, भूमिगत जलस्तर घटने से पानी दूषित होने का अंदेशा

आबूरोड तहसील के देवराफली, चनार एवं कुई में बीते दो दिनों से फूड प्वाइजनिंग के नौ रोगी सामने आए हैं। परिजन इन सबको...

Danik Bhaskar | May 31, 2018, 02:00 AM IST
आबूरोड तहसील के देवराफली, चनार एवं कुई में बीते दो दिनों से फूड प्वाइजनिंग के नौ रोगी सामने आए हैं। परिजन इन सबको राजकीय चिकित्सालय लेकर आए, जहां उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद जलदाय विभाग के सहायक अभियंता हेमंत कुमार व चनार ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप मीणा ने यहां पहुंचकर बीमारी की चपेट में आए लोगों से बातचीत की। पानी की व्यवस्था के लिए लगे हैंडपंप एवं सोलर सिस्टम से संचालित आरओ प्लांट को देखा। अधिकारियों का कहना है कि अगर पानी प्रदूषित होता तो गांव के अन्य लोगों को भी इस प्रकार की शिकायतें होती लेकिन, ऐसा नहीं हुआ है यह केवल एक ही परिवार के लोगों को हुआ है। फिर भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। लोगों को कोई असुविधा नहीं हो इसके लिए प्रबंध किए जाएंगे। गौरतलब है कि गर्मी के दौर में बर्फ का उपयोग एकाएक बढ़ जाता है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बर्फ की फैक्ट्रियां संचालित हो रही है। जहां बर्फ तैयार होती है वहां की हालत भी खराब है। इसके बाद भी सालों से इनके पानी का सैम्पल तक लेने की जरूरत नहीं समझी गई है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार रात समीपवर्ती चनार गांव के देवराफली में दूषित पानी का सेवन करने से भैरी (22) प|ी शंकर, अजमी (15) गोमाराम, चम्पा (50) प|ी हूमा एवं पिंटा (17) पुत्र सूरमा को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, व जी मचलाना आदि शिकायतें हुई। इस पर परिजन आबूरोड चिकित्सालय लेकर आए। रोगियों को भर्ती कर उपचार किया गया। स्वास्थ्य लाभ होने के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। इससे एक दिन पहले कुई गांव निवासी देवी(40) प|ी भैरा गरासिया, सवा (70) पुत्र झाला गरासिया, नाथा (60) पुत्र भैरा गरासिया, मूमली (15) पुत्री भैरा गरासिया व हंजा पुत्र भैरा गरासिया को भी फूड प्वाइजनिंग के बाद यहां लाया गया था।

गर्मी में सड़े-गले फल, बासी सब्जियां एवं बर्फ का सेवन करने से बचे

आबूरोड. ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति स्त्रोत में पानी की जांच नहीं हो रही है।