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देवराफली, चनार व कुई गांव में फूड पॉइजनिंग से नौ लोग बीमार, भूमिगत जलस्तर घटने से पानी दूषित होने का अंदेशा

आबूरोड तहसील के देवराफली, चनार एवं कुई में बीते दो दिनों से फूड प्वाइजनिंग के नौ रोगी सामने आए हैं। परिजन इन सबको...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 31, 2018, 02:00 AM IST

देवराफली, चनार व कुई गांव में फूड पॉइजनिंग से नौ लोग बीमार, भूमिगत जलस्तर घटने से पानी दूषित होने का अंदेशा
आबूरोड तहसील के देवराफली, चनार एवं कुई में बीते दो दिनों से फूड प्वाइजनिंग के नौ रोगी सामने आए हैं। परिजन इन सबको राजकीय चिकित्सालय लेकर आए, जहां उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद जलदाय विभाग के सहायक अभियंता हेमंत कुमार व चनार ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप मीणा ने यहां पहुंचकर बीमारी की चपेट में आए लोगों से बातचीत की। पानी की व्यवस्था के लिए लगे हैंडपंप एवं सोलर सिस्टम से संचालित आरओ प्लांट को देखा। अधिकारियों का कहना है कि अगर पानी प्रदूषित होता तो गांव के अन्य लोगों को भी इस प्रकार की शिकायतें होती लेकिन, ऐसा नहीं हुआ है यह केवल एक ही परिवार के लोगों को हुआ है। फिर भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। लोगों को कोई असुविधा नहीं हो इसके लिए प्रबंध किए जाएंगे। गौरतलब है कि गर्मी के दौर में बर्फ का उपयोग एकाएक बढ़ जाता है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बर्फ की फैक्ट्रियां संचालित हो रही है। जहां बर्फ तैयार होती है वहां की हालत भी खराब है। इसके बाद भी सालों से इनके पानी का सैम्पल तक लेने की जरूरत नहीं समझी गई है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार रात समीपवर्ती चनार गांव के देवराफली में दूषित पानी का सेवन करने से भैरी (22) प|ी शंकर, अजमी (15) गोमाराम, चम्पा (50) प|ी हूमा एवं पिंटा (17) पुत्र सूरमा को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, व जी मचलाना आदि शिकायतें हुई। इस पर परिजन आबूरोड चिकित्सालय लेकर आए। रोगियों को भर्ती कर उपचार किया गया। स्वास्थ्य लाभ होने के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। इससे एक दिन पहले कुई गांव निवासी देवी(40) प|ी भैरा गरासिया, सवा (70) पुत्र झाला गरासिया, नाथा (60) पुत्र भैरा गरासिया, मूमली (15) पुत्री भैरा गरासिया व हंजा पुत्र भैरा गरासिया को भी फूड प्वाइजनिंग के बाद यहां लाया गया था।

गर्मी में सड़े-गले फल, बासी सब्जियां एवं बर्फ का सेवन करने से बचे

आबूरोड. ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति स्त्रोत में पानी की जांच नहीं हो रही है।

देवराफली में सोलर सिस्टम से संचालित आरओ प्लांट का सैंपल तीन महीने पहले लिया था। हालांकि, उसकी जांच रिपोर्ट की अभी जानकारी नहीं है। कार्यालय रिकार्ड देखने के बाद ही उस बारे में बता पाऊंगा। गर्मी में कुछ जलस्रोतों का पानी कम होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। यह स्थिति सब जगह नहीं होती है। -हेमंत कुमार, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, आबूरोड

गर्मी के इस दौर में पानी का भूमिगत जलस्तर नीचे चला जाने से या फिर पेयजल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई नहीं होने से पानी प्रदूषित हो सकता है। जैसे ही रोगियों को चिकित्सालय में लाया गया उनका उपचार कर दिया गया। गर्मी के इस समय हल्का खाना ही खाएं। इसके साथ ही इसमें दही, छाछ व प्याज का खूब सेवन करें। किसी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल नजदीकी चिकित्सालय ले जाकर रोगी का उपचार करवाएं। -डॉ. एमएल हिंडोनिया, प्रभारी, राजकीय चिकित्सालय, आबूरोड

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Web Title: देवराफली, चनार व कुई गांव में फूड पॉइजनिंग से नौ लोग बीमार, भूमिगत जलस्तर घटने से पानी दूषित होने का अंदेशा
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